तहलका पोस्ट विशेष

मध्य प्रदेश : आरोपों के कोहरे ने ढंक लिए बुनियादी सवाल

मध्य प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य प्रतिपक्षी दल भाजपा के बीच बीते साल से आरम्भ आरोप-प्रत्यारोपों का दौर नये साल में और तीखा एवं तल्ख होता जा रहा है, इससे कई बार ऐसा महसूस हुआ मानों शब्दों की मर्यादा तार-तार करने में कोई किसी...

मध्यप्रदेश : सियासी पिच पर टी-20 जैसा खेलेंगे भाजपा-कांग्रेस

देह को कंपा देने वाली ठंड की मार और राजधानी भोपाल में पचमढ़ी से भी अधिक ठंडी रात गुजारने के बीच पूरे प्रदेश में जश्‍न के साथ नये साल का स्वागत प्रदेशवासियों ने किया। नये साल की खुशियों में तल्लीन लोगों को पहले दिन ही...

राष्ट्रवाद के नाम पर छलावों की राजनीति और गुमराह लोकतंत्र

आज, जब हम 2020 के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, बीसवीं सदी के तीसरे दशक की दहलीज पर पहला कदम ऱखने के पहले ही देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के विकास-दृष्टिपत्र विजन-2020 की इबारत दिलो-दिमाग को कुरेदने लगती है, जिसमें उन्होंने भारत...

तू डाल-डाल मैं पात-पात की राह पर आगे बढ़ते कांग्रेस-भाजपा

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष सड़कों पर उतरा है। इस बीच केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एनपीआर के लिए बजट में प्रावधान कर दिया और जहां केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह साफतौर पर कह रहे हैं एनपीआर और...

कहाँ गया भाजपा का वसुधैव कुटुम्बकम ?

भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रतिनिधि श्लोक ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को हमेशा आदर के साथ दोहराया जाता रहा है। भारतीय संस्कृति और धर्म दर्शन की इससे अच्छी अभिव्यक्ति संभव नहीं है। अयं निजः परो वैति गणना लघुचेतसाम् उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम् ।। इसका अर्थ है,...

मध्यप्रदेश : दावों और आरोपों के बीच कमलनाथ सरकार का बीता एक साल

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के द्वारा किसी भी समय कमलनाथ सरकार को गिराने की बात कहते-कहते उसके स्वर तो मंद पड़ गए लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार ने एक साल पूरा कर दूसरे साल का सफर प्रारम्भ कर दिया है। 365...

क्या पूर्वोत्तर के लिए जारी ‘एडवायजरी’ हिंदी राज्यों पर लागू नहीं होती

देश के सत्ताधीशों के काम काज और कारगुजारियां इस बात की ताकीद हैं कि वो इन अंदेशों को लेकर कतई चिंतित नहीं है कि नागरिकता कानून के विरोध में गहराता जन आक्रोश भारत की सामाजिक समरसता के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर सकता है। उनकी कथनी...

नागरिकता-कानून सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का नया औजार है

पिछले एक पखवाड़े से लोगों के जहन में यह सवाल खदबदा रहा है कि मोदी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सिर्फ मुसलमान ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के हिन्दू आबादी भी इस कदर दहशदजदा क्यों हैं ? दहशत के दायरे शायद इसलिए बढ़ते जा रहे...

मध्यप्रदेश : राष्ट्रवाद, धार्मिक पर्यटन और उदार हिंदुत्व की राह पर कांग्रेस

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ इन दिनों राष्ट्रवाद के साथ ही मठ-मंदिरों के उन्नयन और धार्मिक पर्यटन विकसित करने के साथ ही उदार हिंदुत्व की राह पर कांग्रेस और उसकी सरकार को ले जा रहे हैं। इसका मकसद बहुसंख्यक मतदाताओं के...

इस ‘राजनीतिक-डर’ में इंदिराजी के आपातकाल की आहट है ?

यदि देश में राजनीतिक  समझदारी (?) और राष्ट्रवादी सोच (?) का यह सिलसिला यूं ही चलता रहा तो देश में राष्ट्रहित से खिलवाड़ करने वाले नागरिकों की संख्या में दिन दूना रात चौगुना इजाफा होने से कोई भी नहीं रोक पाएगा। मोदी-सरकार के कार्यकाल में...

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