कश्मीर पर इमरान खान का नया पैंतरा, '5 फरवरी को कश्मीरियों के लिए एकजुट होने की अपील'

इस्लामाबाद।यूएन सिक्योरिटी कॉउंसिल में कश्मीर पर चर्चा कराने में नाकाम रहने के बाद हताश इमरान खान ने नई चाल चली है। नया पैंतरा पाकिस्तानी अवाम को कश्मीर पर बरगलाने का है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा है कि कश्मीर के लोगों के समर्थन में 5 फरवरी को जनता घरों से बाहर निकले। पाकिस्तान में 5 फरवरी कश्मीर डे के तौर पर मनाया जाता है।
इमरान ने चीन का शह हासिल कर कश्मीर का मुद्दा यूएन सिक्यॉरटी कॉउंसिल में उठाने की कोशिश की थी, लेकिन एक साल में दूसरी बार मात मिली 15 जनवरी को न्यू यॉर्क में कॉउंसिल के 15 देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा मानने से इनकार कर दिया। चीन के अलावा किसी ने उसका साथ नहीं दिया। फ्रांस और अमेरिका खुलकर भारत के पक्ष में बोले।
इमरान खान ने मोदी सरकार को फासिस्ट करार देते हुए ट्वीट किया, 'मैं चाहता हूं कि पाकिस्तानी घर (वतन) में और विदेशों में 5 फरवरी को 80 लाख कश्मीरियों के समर्थन में एकजुट हों। जिन्हें (कश्मीरियों) 9 लाख भारतीय सैनिकों के द्वारा पिछले छह महीने से मोदी की फासिस्ट सत्ता में दबाया जा रहा है।' इससे पहले भी कई बार इमरान खान कश्मीरियों के समर्थन में जुटने का आह्वान अपने देश के नागरिकों से कर चुके हैं।
कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इमरान तो जंग तक की धमकी दे चुके, लेकिन कर कुछ नहीं पाए और अब विपक्षी पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी के निशाने पर हैं। खुद उनकी पार्टी तहरीके इंसाफ पाकिस्तान के वर्कर्स का दबाव इमरान पर है। इमरान को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी उन्हें तवज्जो नहीं दी। वहीं नरेंद्र मोदी को सऊदी अरब के सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया। इमरान सिर्फ मलयेशिया का समर्थन हासिल कर सके।
स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक सम्मेलन से इतर एक इंटरव्यू के दौरान पीएम इमरान बुरी तरह घिर गए। जब वह कश्मीर और भारत के मुसलमानों का राग छेड़ रहे थे, तभी एंकर ने उनसे उइगर मुसलमानों पर सवाल पूछ लिया। जब इमरान ने इस सवाल पर कन्नी काटनी चाही तो एंकर ने सीधा-सीधा कहा कि आप इसलिए उइगर मुसलमानों के बारे में नहीं जानना चाहते हैं क्योंकि चीन से आपके आर्थिक संबंध हैं।
कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग नहीं मिलने की बात खुद इमरान खान मान चुके हैं। सितंबर में एक कार्यक्रम में उन्होंने स्वीकार किया था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर पर पाकिस्तान को समर्थन नहीं मिला। हालांकि, इमरान और उनके मंत्री लगातार ट्विटर पर भारत और कश्मीर को लेकर आग उगलते रहते हैं।