पाक संसद ने बाल यौन उत्पीड़न के दोषियों को सरेआम फांसी देने संबंधी प्रस्ताव पारित किया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की संसद ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें बच्चों का यौन उत्पीड़न और उनकी हत्या के दोषियों को सरेआम फांसी देने की मांग की गई है। प्रस्ताव में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नौशेरा इलाके में 2018 में आठ वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न के बाद उसकी बर्बर हत्या का जिक्र किया गया है। प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया गया क्योंकि इसका पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सांसदों को छोड़कर सभी सांसदों ने समर्थन किया। पूर्व प्रधानमंत्री एवं पीपीपी नेता रजा परवेज अशरफ ने कहा कि सरेआम फांसी देना संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है और सजा से अपराध को कम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘सजा की गंभीरता को बढ़ाने से अपराध में कमी नहीं आती है।’’ संसदीय मामलों के राज्यमंत्री अली मोहम्मद खान ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया जिसमें बाल यौन उत्पीड़न की घटनाओं की कड़ी निंदा की गई है। इसमें कहा गया, ‘‘यह सदन बच्चों की इन शर्मनाक और बर्बर हत्याओं पर रोक की मांग करती है और कातिलों तथा बलात्कारियों को कड़ा संदेश देने के लिए उन्हें न सिर्फ फांसी देकर मौत की सजा देनी चाहिए बल्कि उन्हें तो सरेआम फांसी पर लटकाना चाहिए।’’ हालांकि इस प्रस्ताव की दो मंत्रियों ने :विज्ञान मंत्री फवाद चौधरी और मानवाधिकार मंत्री शिरीन माजरी: निंदा की जो मतदान के दौरान सदन में मौजूद नहीं थे।