मध्यप्रदेश : दावों और आरोपों के बीच कमलनाथ सरकार का बीता एक साल

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के द्वारा किसी भी समय कमलनाथ सरकार को गिराने की बात कहते-कहते उसके स्वर तो मंद पड़ गए लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार ने एक साल पूरा कर दूसरे साल का सफर प्रारम्भ कर दिया है। 365 दिन के भीतर वचनपत्र के 365 बिन्दुओं को पूरा करने का दावा करते हुए उनके एक हाथ में वर्ष 2020-2025 का ‘मध्यप्रदेश विजन टू डिलीवरी रोडमैप’ का दस्तावेज है तो दूसरे हाथ में अपनी सरकार की उपलब्धियों की फेहरिस्त थामे हुए अब वे सधे हुए कदमों से अपने सपनों का प्रदेश गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कमलनाथ जहां यह दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार के लगभग तीन माह तो लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में ही बीत गए लेकिन शेष बचे हुए दिनों में उन्होंने साल के हर दिन के हिसाब से वायदों को अमलीजामा पहनाया। इन दावों के बीच भाजपा का आरोप है कि लोगों को निराशा हाथ लगी है और उनकी आकांक्षाएं पूरी करने के मामले में सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। न तो किसानों की कर्जमाफी हुई और न ही उन्हें यूरिया मिल रहा है। कमलनाथ अक्सर कहा करते थे कि उनकी चक्की धीमे चलती है लेकिन आटा बारीक पीसती है, इसी के अनुरुप अब ऐसी स्थिति बन गयी है कि बारीक से बहुमत पर चल रही उनकी सरकार को लेकर सरकार गिराने और नई सरकार बनाने की भाजपा नेताओं की बयानबाजी थम गई है।
कमलनाथ सरकार अब प्रदेश के भावी स्वरुप को संकल्पबद्धता के साथ गढ़ने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता रेखांकित करते हुए अगले पांच साल का जो रोडमैप निर्धारित किया है उसमें 11 क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। इस अवधि में दो लाख करोड़ का निवेश एवं पांच लाख लोगों को रोजगार देने का वायदा किया है। यूपीए कार्यकाल में दस साल तक देश का नेतृत्व करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार रोडमैप का विमोचन करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की जनता की आकांक्षाओं एवं प्राथमिकताओं का यह एक दस्तावेज है। उन्होंने प्रदेश की त्वरित आर्थिक समृद्धि और विकास के लक्ष्यों को पूरा करने की विचारों की स्पष्टता और प्रतिबद्धता के लिए कमलनाथ की तारीफ की। इसके साथ ही डॉ. सिंह ने लोगों के विकास और समृद्धि लाने के लिए एक साल से कम समय में उठाये गये कदमों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए प्रमुख रुप से उद्योगों के साथ मिलकर रोजगार के नये अवसरों का निर्माण करने की सराहना की। कमलनाथ का कहना है कि विजन डाक्यूमेंट का उद्देश्य सुनियोजित तरीके से प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाकर नये परिवर्तन के साथ जनता की आशाओं, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करेेंगे। मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान पूरे देश में बने इसके लिए हमारे बड़े शहर इंदौर, भोपाल सहित अन्य शहरों का नाम भी देश में हो इसके लिए मेट्रो जैसी परियोजनाओं को आरंभ किया गया है।
विजन डाक्यूमेन्ट का निर्माण, जैसा कि सरकार का कहना है लोगों की सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और कम, मध्यम और लम्बे समय के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर लोक केन्द्रित विकास प्रक्रिया के तहत किया गया है। इसमें सभी नागरिकों विशेषकर महिलाओं, किसानों, बच्चों और हाशिए वाले समूह का विकास सुनिश्‍चित करने पर फोकस किया गया है। पांच साल के रोडमैप की कल्पना (प्राथमिक यानी नागरिकों और संबंधित विभागों) के  साथ-साथ द्वितीय (राजनीतिक नेतृत्व, फैसला लेने वाले लोगों, अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों) हितधारकों के साथ एक बढ़ी और विचार-विमर्श प्रक्रिया थी। यह रोडमैप विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों की जरुरतों के मुताबिक विकास संबंधी प्राथमिकताओं को व्यवस्थित तरीके से शामिल करते हुए विभिन्न स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से उनके क्रियान्वयन के लिए तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनकी सरकार चिन्हित क्षेत्रों पर वास्तविक रुप में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। रोडमैप में चिन्हित मानव विकास संकेतकों और संबंधिक लक्ष्यों में मध्यप्रदेश का वर्ष 2025 तक शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रदेशों में से एक के रुप में बनने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। यह पिछले एक साल में सरकार द्वारा की गयी पहलों और अभिनव कार्यक्रमों को पूरक बनायेगा, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों विशेष रुप से किसानों, महिलाओं, बच्चों के लिए, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा सुनिश्‍चित की जा सके।
कमलनाथ अपनी कल्पना के अनुसार प्रदेश में विकास को नया आयाम देना चाहते हैं। विजन डाक्यूमेंट के मुख्य बिन्दुओं में 500 नये स्टार्टअप को सपोर्ट देने और डेढ़ लाख उद्यमियों को ॠण सहायता उपलब्ध कराने, उद्योगों को जमीन आवंटन के लिए जीरो वेटिंग टाइम पालिसी, निवेश को आकर्षित करने, देश-विदेश में कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही रोजगारमूलक उद्योगों को प्राथमिकता देने, दस लाख युवाओं को स्वरोजगार योजना में मदद करने, युवाओं को उद्योग आरंभ करने के लिए कर्ज, ब्याज, सबसीडी, आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स के क्षेत्र में विशेष सहायता देने की बात शामिल है। नई इंटरटेन्मेंट नीति बनाना, भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे के आसपास विश्‍व स्तरीय औद्योगिक कारीडोर विकसित करने, भोपाल-देवास-इंदौर में निवेश क्षेत्र के लिए विश्‍व स्तरीय औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने, लाजिस्टिक हब से जुड़ी नीति को निवेशक हितैषी बनाना, दस लाख सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को विभिन्न योजनाओं में सहायता उपलब्ध कराना, 1100 गांवों को जलवायु स्मार्ट कृषि गांवों के तौर पर विकसित करना, वेयर हाउस, कोल्डचेन, लाजिस्टिक पार्क और ड्राय पोर्ट बनाने के साथ ही कृषि व उद्यानिकी उपज को अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने, एक्सपोर्ट प्रमोशन एजेंसी तथा खाद्य प्रसंस्करण यूनिट के कलस्टर बनाने एवं किसानों की समस्याओं पर अनुसंधान में सहयोग के लिए कोष बनाना भी विजन डाक्यूमेन्ट में शामिल है। कमलनाथ अक्सर यह कहा करते हैं कि उन्हें अपने कामकाज के आंकलन का प्रमाणपत्र जनता से चाहिए। वे प्रचार-प्रसार, होर्डिंग एवं ब्रांडिंग के जरिए आत्म-प्रशंसा करने से परहेज रखते हैं।
एक साल की सरकार पर भाजपा के आरोप
जहां सरकार यह दावा कर रही है कि मध्यप्रदेश का पूरा खाका वह बदलेगी और अभी तक जो नहीं हुआ वह प्रदेश में होगा। तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह का आरोप है कि कमलनाथ सरकार का पूरा साल सरकार को बचाने की तिकड़मों, भ्रष्टाचार की योजनाएं बनाने, तबादला उद्योग चलाने, रेत तथा शराब माफिया को आगे बढ़ाने एवं उसे संरक्षण देने में बीता है। इस सरकार को न तो प्रदेश की चिन्ता है और न ही जनता से किए गए वायदों की। सरकार में बैठे लोगों का यह साल बस अपने हितों की चिन्ता करने में बीता है।  राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि इस सरकार का ध्यान न गरीबों पर है न ही प्रदेश की जनता पर। उल्टे सरकार का संरक्षण पाकर रेत माफिया बेलगाम हो गया है और नदियों के बीच में सड़क बनाकर रेत का उत्खनन किया जा रहा है। एक साल के कार्यकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पिछले नौ माह में ही हत्या की 1278 घटनाएं हुई हैं। मासूमों के अपहरण, हत्या व दुष्कर्म जैसी अपराधों मेे भी वृद्धि हुई है। प्रदेश की कमलनाथ सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की भी मानना है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। जहां एक तरफ सरकार अपनी उपलब्धियों से बाग-बाग है तो वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
और यह भी...
विपक्ष के इन दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा का कहना है कि भाजपा झूठ परोस कर भ्रमित करती रहती है, अब उसे यह सब बन्द करना चाहिए। एक साल की कांग्रेस सरकार पर तरह-तरह के आरोप भाजपा अध्यक्ष लगा रहे हैं और कामकाज पर जो सवाल उठा रहे हैं वह बेहद शर्मनाक है। सलूजा का कहना है कि जिन्होंने अपनी पन्द्रह साल की सरकार के कामकाज का आज तक कोई ब्यौरा नहीं दिया, अपने घोषणापत्र को लागू नहीं किया और जिनके नाम आज भी पन्द्रह हजार अधूरी घोषणाएं दर्ज हैं वह एक साल की उस सरकार से हिसाब-किताब मांग रहे हैं जिसने खुद आगे आकर अपने कामकाज का हिसाब-किताब दिया है। सलूजा ने आरोप लगाया कि राकेश सिंह रेत के अवैध उत्खनन को लेकर सवाल उठा रहे हैं जबकि समग्र प्रदेश जानता है कि भाजपा सरकार के पन्द्रह सालों में प्रदेश की नदियों को अवैध उत्खनन कर छलनी कर दिया गया था। सलूजा का दावा है कि पिछले एक साल में यह बता दिया गया है कि सरकार चलाना क्या होता है और मुंह चलाना क्या होता है। सरकार चलाना कांग्रेस को आता है और जनता के हित में निर्णय लेना भी। 
- अरुण पटेल
- लेखक सुबह सवेरे के प्रबंध संपादक हैं।
- संपर्क- 09425010804, 07389938090