अर्थव्यवस्था की हालत चिंताजनक, इसके विनाशकारी असर से कोई इनकार नहीं कर सकता: मनमोहन सिंह

नई दिल्ली।पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश को 8 से 9 प्रतिशत विकास दर की उम्मीद थी लेकिन यह गिरते हुए 4.5 प्रतिशत पर आ गई है जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी चिंताजनक है और उससे भी बुरी बात यह है कि समाज की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट आई है। इसके घातक परिणामों खासकर किसानों, युवाओं और गरीबों पर विनाशकारी असर से कोई भी इनकार नहीं कर सकता।
डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा, 'आज जारी किए गए जीडीपी के आंकड़े बताते हैं कि विकास दर गिरकर 4.5 प्रतिशत हो गई है। यह साफ तौर नामंजूर है। हमारे देश को 8-9 प्रतिशत ग्रोथ की आशा थी। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5 प्रतिशत के आंकड़े से लुढ़ककर दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत हो गई है जो चिंता की बात है। सिर्फ आर्थिक नीतियों में बदलाव से अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं आएगी।'
बता दें कि राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग ने शुक्रवार को जीडीपी के आंकड़े जारी किए। जुलाई-सिंतबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ गिरकर 4.5 प्रतिशत रह गई है जो पिछली तिमाही से 0.5 प्रतिशत और पिछले साल की समान अवधि से 2.5 प्रतिशत कम है। यह पिछले साढ़े 6 सालों में सबसे कम जीडीपी ग्रोथ है।