तीसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर के नतीजे और बदतर होंगेः पी.चिदंबरम

नई दिल्ली।जीडीपी विकास दर में गिरावट को लेकरकांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने शनिवार को कहा कि दूसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर 4.5 फीसदी रहने की पहले से थी, लेकिन तीसरे तिमाही के नतीजे और भयावह होंगे। पहले से ही सुस्ती झेल रही देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर दूसरी तिमाही में गिरक 4.5 फीसदी पर आ गई, जो छह साल का निचला स्तर है। इसके अलावा, अक्टूबर महीने में 8 कोर सेक्टरों का इंडस्ट्रियल ग्रोथ -5.8 प्रतिशत रही है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी जीडीपी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर के दौरान स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी 35.99 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 34.43 लाख करोड़ रुपये थी। इसी तरह दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही।
अपने परिवार की तरफ से पोस्ट किए गए ट्वीट में चिंदबरम ने कहा, 'जैसा कि व्यापक रूप से भविष्यवाणी की गई थी, दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 4.5% रही है। फिर भी सरकार कहती है 'ऑल इज वेल'। तीसरी तिमाही में भी ग्रोथ रेट 4.5% से अधिक नहीं होगी। साथ ही अन्य संभावनाएं भी बदतर हैं।'
भ्रष्टाचार तथा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जेल में बंद चिदंबरम ने झारखंड के लोगों से चुनाव में बीजेपी के खिलाफ वोट करने और उनकी पॉलिसी तथा गवर्नेंस मॉडल को खारिज करने की भी अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'झारखंड के लोगों को बीजेपी के खिलाफ वोट करना चाहिए और उनकी नीतियों और शासन के मॉडल को अस्वीकार करना चाहिए।'