गैस त्रासदी जैसी दुर्घटना फिर न हो, इसके लिए सतर्कता जरूरीः राकेश सिंह

भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की भीषणतम औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है। यह त्रासदी प्रत्यक्ष तौर पर तो हजारों लोगों की मौत की जिम्मेदार है ही, इसकी वजह से हजारों लोग जिंदा लाशों की तरह जीने पर मजबूर हो गए। इस तरह की दुर्घटनाएं फिर न हों, इसके लिए सतर्कतामूलक प्रयास जरूरी हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर संवेदना व्यक्त करते हुए कही।
राकेश सिंह, सुहास भगत और गोपाल भार्गव ने तीन दशक पूर्व हुई गैस त्रासदी में काल कवलित हुए लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के अन्य सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। राकेश सिंह ने कहा कि तीन दशक बाद भी भोपाल के लोग इस त्रासदी का दंश झेल रहे हैं। इस तरह की दर्दनाक घटना भविष्य में फिर न हो इसके लिए सजगता बरती जानी चाहिए। गौरतलब है कि वर्ष 1984 की 2 और 3 दिसंबर की दरम्यानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस रिसने से 15 हजार से अधिक नगरवासी मौत की नींद सो गए थे और लाखों नागरिक जहरीली गैसों से प्रभावित होकर प्राणघातक बीमारियों के शिकार बन गए थे।