जब शिवराज सरकार ने नया एयर क्राफ्ट खरीदने का फैसला कैबिनेट में किया था तब गोपाल भार्गव कहां थे ?: भूपेन्द्र गुप्ता

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने प्रतिपक्ष के नेता गोपाल भार्गव एवं विधायक नरोत्तम मिश्रा के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने शासन द्वारा एयर क्राफ्ट खरीदने को अनुचित बताया है। जबकि 2015 में वे शिवराज कैबिनेट के ऐसे ही फैसले में खुद भी सहभागी थे।
गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के पास वर्तमान में 18 साल पुराने ट्विन इंजन एयर क्राफ्ट है जो लगभग 6 हजार 6 सौ लेण्डिग पूरी कर चुके है। एक एयर क्राफ्ट 1998 तथा दूसरा 2002 में निर्मित है। दूसरा एयर क्राफ्ट भी 4 हजार 1 सौ लेण्डिग पूरी कर चुका है और सुरक्षा की दृष्टि से ये असुरक्षित श्रेणी में आ सकते है।
गुप्ता ने कहा कि अगस्त 2015 में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने ही 80 करोड़ रूपये में एक नया एयर क्राफ्ट खरीदने की पहल कर केबिनेट में यह फैसला लिया था तथा पुराने 2 चैपर बेचने हेतु 10 करोड़ का आफसेट मूल्य बताया था । किन्तु पुराने चैपर के खरीदने के लिए उचित प्रस्ताव ना आने से यह फैसला क्रियान्वित नहीं हो पाया । गुप्ता ने कहा कि मजे की बात यह है कि कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी तत्कालीन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही प्रेसवार्ता में दी थी, तब अब वे किस मुंह से इसका विरोध कर रहे है।
गुप्ता ने कहा कि शासकीय एयर क्राफ्ट का सुरक्षित एवं फिट होना समय का तकाजा है । अगर इस तरह की खरीदी से भाजपा नेताओं द्वारा प्रदेश को नुकसान बताया जाता है तो गोपाल भार्गव एवं नरोत्तम मिश्रा ने इस फैसले का 2015 में विरोध क्यों नहीं किया। जबकि वे उस कैबिनेट बैठक में उपस्थित थे। भूपेन्द्र गुप्ता ने भाजपा नेताओं को समझाईश दी है कि वे अपने सरकार के फैसलों की जानकारी रखें और ऐसे बयान देकर यह सिद्ध ना करें कि वे शिवराज सरकार के गलत (?) फैसलों में साझीदार थे।