महाराष्ट्र: बीजेपी नेता पंकजा मुंडे ने ट्विटर बायो से हटाया पार्टी का नाम, कई अटकलें

मुंबई।क्या बीजेपी की नेता पंकजा मुंडे पार्टी छोड़ रही हैं? महाराष्ट्र में इसको लेकर अटकलें तेज हैं। दरअसल इन अटकलों की शुरुआत खुद पंकजा ने ही की है। फेसबुक पोस्ट के बाद अब पंकजा ने ट्विटर बायो में से बीजेपी का नाम हटाया है। इससे उनके अगले कदम को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। शिवसेना ने भी यह कहकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है कि कई नेता उसके संपर्क में हैं। हालांकि महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने पंकजा मुंडे के पार्टी छोड़ने की खबरों की निराधार बताया है।
बता दें कि बीजेपी के कद्दावर नेता रहे गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि वह आठ से 10 दिन में अपना आगे का रास्ता चुनने के बारे में फैसला करेंगी। पंकजा की तरह ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्विटर पर अपने बायो से पार्टी का नाम हटाया था, जिसके बाद उनको लेकर भी तरह-तरह की अटकलों का सिलसिला जारी है।
पंकजा के पोस्ट के बाद से उनकी नाराजगी को जगजाहिर माना जा रहा था। इसके बाद सवाल उठ रहा था कि क्या वह देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ अपना गुस्सा खुलकर जाहिर करेंगी? सूत्र बताते हैं कि वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी समस्या रखते वक्त पंकजा का सारा गुस्सा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ रहा है। इस बीच उन्होंने पहले फेसबुक पोस्ट कर जल्द ही बड़ा फैसला करने की बात कही तो ट्विटर पर बायो से पार्टी का नाम ही हटा दिया है। ऐसे में अफवाहों और अटकलों ने और भी रफ्तार पकड़ ली है।
फेसबुक पोस्ट में पंकजा ने कहा था, 'बदले राजनीतिक परिवेश में अपनी ताकत को समझना जरूरी है। मुझे 8-10 दिन तक कुछ चिंतन करना है और मैं 12 दिसंबर को आप सभी से मुलाकात करूंगी। यह हमारे नेता गोपीनाथ मुंडे जी का जन्मदिन है। मैं अगले 8-10 दिन में मैं यह तय कर लूंगी कि मुझे आगे क्या करना है और कौन से रास्ते पर जाना है।' बता दें कि पंकजा मुंडे को चुनाव में परली विधानसभा सीट चचेरे भाई धनंजय मुंडे से हार का सामना करना पड़ा था।
पंकजा मुंडे को इस बार विधानसभा चुनाव में अपने चचेरे भाई और एनसीपी उम्मीदवार धनंजय मुंडे के हाथों हार का सामना करना पड़ा। उनके समर्थक उनकी हार के लिए देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराते हैं कि उन्हें जानबूझकर हरवाया गया। एनसीपी के अजित पवार की 'कुछ दिन की बगावत' के समय धनंजय मुंडे भी शुरुआत में उनके साथ थे, इससे पंकजा के समर्थकों का शक और गहरा हुआ है।
पंकजा मुंडे ने सार्वजनिक तौर पर फडणवीस के खिलाफ तो कुछ नहीं बोला है लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखते हुए उनकी आलोचना जरूर की है। अब ऐसी अटकलें हैं कि वह शिवसेना जॉइन कर सकती हैं। उद्धव ठाकरे के सीएम बनने पर पंकजा ने ट्वीट कर उनकी तारीफ की थी और शुभकामनाएं दी थी। इन अटकलों को सोमवार को तब और बल मिला जब संजय राउत ने कहा कि कई नेता शिवसेना के संपर्क में हैं। राउत से पूछा गया था कि क्या पंकजा मुंडे शिवसेना में शामिल होने जा रही हैं।