महिला सुरक्षा पर चर्चा नहीं चाहती सरकार, स्मृति ने बलात्कार के मुद्दे का राजनीतिकरण किया: कांग्रेस

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा में अपने कुछ सदस्यों और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी नोकझोंक के बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि सदन में स्मृति ने बलात्कार के मुद्दे का राजनीतिकरण किया और सत्ता पक्ष के लोगों ने व्यवधान पैदा करके कार्यवाही स्थगित करा दी क्योंकि वे महिला सुरक्षा पर चर्चा नहीं चाहते हैं। सदन में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह दावा भी किया कि पीठासीन अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने स्पीकर ओम बिरला द्वारा दी गई व्यवस्था को दरकिनार कर दिया। उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ उन्नाव में जघन्य घटना हुई है। हमने उन्नाव, मालदा और हैदराबाद की घटनाओं का मुद्दा उठाया। हमारा कहना था कि गृह मंत्री या गृह राज्य मंत्री जवाब दें। जवाब देने की बजाय सत्तापक्ष ने हमारे ऊपर आरोप लगाना शुरू कर दिया और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की। इसके बाद कार्यवाही स्थगित की गई।’’ चौधरी ने दावा किया, ‘‘ लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था भी दी। मेरे लिए यह अप्रत्याशित था कि पीठासीन अध्यक्ष (मीनाक्षी लेखी) ने लोकसभा अध्यक्ष के आदेश को दरकिनार करने की हिम्मत दिखाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ पूरा विपक्ष चर्चा के लिए तैयार था, लेकिन बिना किसी ठोस वजह के कार्यवाही स्थगित करा दी गई। मुझे भी सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया और कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।’’ लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक गौरव गोगोई ने कहा, ‘‘स्मृति ईरानी ने सिर्फ राजनीतिक टिप्पणी की और आक्रामक ढंग से विपक्ष पर प्रहार किया। सरकार के पास उन्नाव की बेटी और उसके परिवार के संबंध में कहने के लिए कुछ नहीं है। इसलिए ध्यान भटकाने के लिए सदन को स्थगित कराया। आने वाले हफ्ते में भी हम अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोगों के मुद्दे उठाने में कभी नहीं डरी है और न ही डरेगी। पार्टी सांसद ज्योति मणि ने उन्नाव में बलात्कार पीड़िता को जलाए जाने की घटना का हवाला देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे नेता अधीर रंजन चौधरी ने उन्नाव की घटना का उल्लेख किया और उन्होंने कोई राजनीति नहीं की। सदन में गृह मंत्री को होना चाहिए था, लेकिन वह मौजूद नहीं थे। स्मृति ईरानी ने बलात्कार के मुद्दे का राजनीतिकरण किया।’’ उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी पुरुष और महिला सदस्यों दोनों की है। ज्योति ने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकार महिला सुरक्षा पर चर्चा नहीं चाहती है। सबने देखा कि सत्ता पक्ष के लोगों ने सदन में हंगामा किया और कार्यवाही स्थगित करा दी।’’ गौरतलब है कि उन्नाव में बलात्कार पीड़िता को जलाये जाने की घटना पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस के कुछ सदस्यों और स्मृति ईरानी के बीच तीखी नोंकझोक हो गई। सरकार ने कांग्रेस सदस्यों के कथित ‘‘धमकी भरे लहजे’’ पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए दो सदस्यों टी एन प्रतापन एवं डीन कुरियाकोस के माफी मांगने की मांग की। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने उन्नाव की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हम एक तरफ राम मंदिर बनाने वाले हैं दूसरी तरफ देश में ‘सीताएं जलाई जा रही हैं। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बलात्कार जैसी घटनाओं पर सांप्रदायिकता के पहलू को जोड़ना उचित नहीं है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।