पीएम मोदी पर कांग्रेस का जवाबी हमला, CAA पर आंदोलन संसद नहीं, आपके विभाजनकारी कारनामों के खिलाफ

नई दिल्ली।संशोधित नागरिकता कानून के बजाय पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का विरोध करने की प्रधानमंत्री मोदी की नसीहत पर कांग्रेस ने तगड़ा पलटवार किया है। पीएम मोदी पर जवाबी हमला बोलते हुए कांग्रेस ने न सिर्फ अपने शासनकाल में हुए युद्धों में पाकिस्तान को सिखाए गए सबकों की याद दिलाई बल्कि यह भी कहा कि मौजूदा आंदोलन भारतीय संसद के खिलाफ नहीं, मोदी सरकार की बांटने वाली नीतियों के खिलाफ है।
कर्नाटक के तुमकुरू की रैली में प्रधानमंत्री मोदी के दिए बयान पर बीजेपी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस ने लिखा, 'मोदीजी, ये आंदोलन संसद नहीं, आपके विभाजनकारी कारनामों के खिलाफ हो रहा है। हम आपको देश नहीं तोड़ने देंगे। रही बात पाकिस्तान की, तो इसी हिंदुस्तान ने 1948, 65, 71, करगिल में जो घाव उसे दिए हैं, वो अब तक नहीं उबर पाया। पाकिस्तान को जवाब ही देना है तो बिरयानी और आम का खेल बंद कीजिए।'
'बिरयानी और आम का खेल' के जरिए कांग्रेस का इशारा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तरफ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अतीत में उठाए गए दोस्ताना कदमों की तरफ हो सकता है। 25 दिसंबर 2015 को प्रधानमंत्री मोदी तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने के लिए अचानक लाहौर पहुंच गए थे। इसी को लेकर कांग्रेस अक्सर प्रधानमंत्री पर तंज कसती रहती है कि वह नवाज के हाथों 'बिरयानी' खाने के लिए लाहौर गए थे। उसी साल जुलाई में नवाज शरीफ ने ईद के मौके पर पीएम मोदी को आम भिजवाए थे।
गुरुवार को कर्नाटक के तुमकुरू की एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने संशोधित नागरिकता कानून के विरोध को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला था। प्रधानमंत्री ने CAA का विरोध करने वालों को पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की नसीहत दी थी। पीएम मोदी ने कहा, 'पाकिस्तान धार्मिक आधार पर बना था और इसके चलते हिंदुओं, सिखों, जैनों और ईसाइयों जैसे अल्पसंख्यकों पर वहां अत्याचार बढ़ गए हैं। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी पाकिस्तान के खिलाफ नहीं बोलते।'
तुमकुरू रैली में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी धार्मिक आधार पर उत्पीड़न को रोकने और महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए उठाए गए कदमों के खिलाफ रैलियां निकालते हैं और प्रदर्शन करते हैं। मोदी ने सवाल किया कि जो सीएए के खिलाफ हैं वे पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे हैं? प्रधानमंत्री ने पूछा कि उन्हें ऐसा करने से कौन सी बात रोकती है। उन्होंने सीएए का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि इसे संसद द्वारा एक ऐतिहासिक कदम के तहत पारित किया गया था लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी अब इस संस्थान के ही खिलाफ हैं।