भाजपा में शुरुआत से ही नफरत और हिंसा का रास्ता दिखाया जाता है : दिग्विजय सिंह

इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को इंदौर में आग लगा देने वाला बयान देने वाले भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा में बचपन से ही हिंसा और नफरत का रास्ता सिखाया जाता है। ये लोग उसी की राजनीति करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कैलाश हताश और निराश हो चुके हैं। इसलिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। जिसने कानून तोड़ा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए। वहीं, वीर सावरकर और गोडसे के संबंध में कहा कि किसी के निजी जीवन पर टिप्पणी नहीं करना चाहिए, जिसने ऐसा लिखा है उससे पूछा जाए।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एनआरसी पर अलग-अलग बात कह रहे हैं। हम केवल यह जानना चाहते हैं कि सरकार का एनआरसी पर क्या स्टैंड है। वह इसे लाना चाह रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि भूमाफियाओं को लेकर सरकार द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है वह स्वागत योग्य है। जिन्होंने भी यह कानून तोड़ा उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए।
गौरतलब है कि भाजपा महासचिव ने संभागायुक्त, कलेक्टर, डीआईजी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देकर शुक्रवार को रेसिडेंसी कोठी में मुलाकात करने को कहा था। लेकिन जब कोई भी अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा तो विजयवर्गीय आगबबूला हो गए। उन्होंने लगभग धमकी देते हुए एडीएम बीबीएस तोमर से कहा कि जनता की नौकरी कर रहे हो या कमलनाथ की? तुम क्या समझते हो कि हमने चूड़ी पहन रखी है? सूचना के बाद भी अफसरों ने यह तक बताना उचित नहीं समझा कि वे शहर से बाहर हैं। इतनी औकात हो गई उनकी? वो तो संघ के पदाधिकारी शहर में हैं, नहीं ताे आग लगा देता शहर में। इसके बाद वे संभागायुक्त के बंगले के सामने धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला और नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा भी थे।