मध्‍य प्रदेश समेत तीन राज्यों में टैक्‍स फ्री हुई दीपिका पादुकोण की 'छपाक'

भोपाल।जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हिंसा के विरोध में कन्हैया कुमार के साथ जेएनयू पहुंचीं अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की फिल्‍म छपाक को कांग्रेस शासित प्रदेशों मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और और पुदुचेरी में टैक्‍स फ्री घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार को रिलीज होने जा रही यह फिल्‍म इन दिनों काफी विवादों में चल रही है। बीजेपी नेताओं और उनके समर्थकों ने जहां इस फिल्‍म का विरोध किया है वहीं अब फिल्‍म के निर्माता को कोर्ट ने वकील अपर्णा भट्ट का नाम देने का निर्देश दिया है।
मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करके फिल्‍म 'छपाक' के टैक्‍स फ्री होने का ऐलान किया। कमलनाथ ने कहा, 'यह फ़िल्म समाज में ऐसिड पीड़ित महिलाओं को लेकर एक सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ उस पीड़ा के साथ आत्मविश्वास, संघर्ष, उम्मीद और जीने के जज़्बे की कहानी पर आधारित है और ऐसे मामलों में समाज की सोच में बदलाव लाने के संदेश पर आधारित है।'
कमलनाथ ने कहा, 'दीपिका पादुकोण अभिनीत ऐसिड अटैक सर्वाइवर पर बनी फ़िल्म छपाक जो 10 जनवरी को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है, को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री करने की घोषणा करता हूं।' बता दें कि जेएनयू में हिंसा के खिलाफ मंगलवार शाम लेफ्ट छात्रों के प्रदर्शन में फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण भी शामिल हुईं थी। वह हिंसा में घायल हुईं जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष से मिलीं। दीपिका प्रदर्शन में करीब 10 मिनट रहीं और बिना कुछ बोले चली गईं।
दीपिका के जेएनयू में पहुंचने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर #BoycottChhapaak ट्रेंड करने लगा। बीजेपी के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट किया, 'टुकड़े-टुकड़े गैंग और अफजल गैंग का समर्थन करने की वजह से यदि आप दीपिका पादुकोण की फिल्मों का बहिष्कार करेंगे तो मेरे ट्वीट की रीट्वीट करेंगे।'
बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने लिखा, 'मैं आमतौर पर बॉलिवुड पर ट्वीट करने से बचती हूं, लेकिन यौन दुराचार में सजा पा चुके व्यक्ति के साथ यदि आप मंच साझा करके महिला के संघर्ष पर बनी फिल्म को बेचने की कोशिश कर रही हैं तो यह उद्देश्य की हार है।' इसके बाद से लेकर अब तक इस फिल्‍म के समर्थन और विरोध में लाखों ट्वीट किए जा चुके हैं।
उधर, वकील अपर्णा लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी पर बनी इस फिल्म में खुद को क्रेडिट नहीं दिए जाने से खफा थीं। उन्होंने फिल्ममेकर्स के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर इस फिल्म पर स्टे की डिमांड की थी। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर करते हुए अपर्णा ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि वह एसिड अटैक विक्टिम लक्ष्मी अग्रवाल की सालों तक वकील रह चुकी हैं, बावजूद इसके उन्हें फिल्म में कहीं भी क्रेडिट नहीं दिया गया। अब कोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए फिल्ममेकर्स को फिल्म में याचिकाकर्ता अपर्णा भट्ट का नाम देने का निर्देश दिया है।