CAA पर बीजेपी से रार, दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ेगा शिरोमणि अकाली दल

नई दिल्ली।संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर बीजेपी और उसकी सहयोगी अकाली दल में ठन गई है। दिल्ली एसजीपीसी के अध्यक्ष और अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को ऐलान किया कि पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी के साथ बैठक के दौरान संशोधित नागरिकता कानून के हमारे रुख पर पुनर्विचार करने को कहा गया लेकिन हमने इनकार कर दिया।' दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली में पार्टी का स्टैंड वही है, जो सुखबीर सिंह बादल का है। CAA में सभी धर्मों को शामिल करना चाहिए।
शिरोमणि अकाली दल ने सोमवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर सहयोगी बीजेपी द्वारा उसका रुख बदलने के लिए कहे जाने के बाद वह अगले महीने होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में नहीं उतरेगी। मनजिंदर सिंह सिरसा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बीजेपी के साथ चुनाव से संबंधित तीन बैठकों में उनकी पार्टी से सीएए पर उसके रुख पर विचार करने को कहा गया था।
राजौरी गार्डन विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर विधायक बन चुके सिरसा ने कहा, ‘बीजेपी के साथ हमारी बैठक में हमसे सीएए पर रुख पर फिर से विचार करने को कहा गया लेकिन हमने ऐसा करने से इनकार कर दिया। शिरोमणि अकाली दल की पुरजोर राय है कि मुसलमानों को सीएए से अलग नहीं रखा जा सकता।’ आपको बता दें कि दिल्ली में कालकाजी, तिलक नगर, हरि नगर और राजौरी गार्डन जैसी कई सिख बहुल सीटें हैं जहां अकाली दल का प्रभाव है। अकाली नेता सिरसा ने राजौरी गार्डन विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर 2017 का उपचुनाव लड़ा था और वह जीते थे।
सिरसा ने आगे कहा, 'शिरोमणि अकाली दल का मानना है कि NRC को नहीं लागू किया जाना चाहिए। हमने CAA का स्वागत किया लेकिन हम नहीं चाहते कि किसी एक धर्म को इससे बाहर रखा जाए।' आपको बता दें कि सोमवार को ही बीजेपी ने दिल्ली चुनाव के अपने साथियों का ऐलान किया है। इसमें भी शिरोमणि अकाली दल का नाम शामिल नहीं किया गया।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि चुनाव नहीं लड़ने का रुख अकाली दल का है। तिवारी ने कहा, ‘अकाली दल हमारे सबसे पुराने सहयोगी दलों में से है। उसने नागरिकता कानून पर संसद में हमें समर्थन दिया है। अगर वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो यह उनका रुख है।’ सिरसा ने इस अटकल को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि बीजेपी ने उनके सीट बंटवारे के फॉर्म्युले को स्वीकार नहीं किया।
दिल्ली बीजेपी ने दो सीटें जनता दल यूनाइटेड (JDU) और एक सीट लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को देने का फैसला किया है। दिल्ली में अकाली दल के साथ लंबे समय से बीजेपी का गठबंधन रहा है जो कि इस बार टूट गया है। दिल्ली में संगम विहार और बुराड़ी सीट से जेडीयू का कैंडिडेट चुनाव लड़ेगा। वहीं एलजेपी का उम्मीदवार सीमापुरी इलाके से चुनाव लड़ेगा।
हरियाणा चुनाव के समय अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह बीजेपी में शामिल हो गए थे। उस समय अकाली दल ने बयान जारी करके बीजेपी पर सत्ता की ताकत का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। अकाली ने यह भी कहा था कि यह काम गठबंधन के धर्म के विरुद्ध है। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा था कि दिल्ली में अकाली के साथ गठबंधन टूट चुका है और रात तक तस्वीर साफ हो जाएगी।