केरल, राजस्थान और पंजाब की कतार में आया पश्चिम बंगाल, सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास

कोलकाता।संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी प्रस्ताव पास हो गया। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल अब चौथा राज्‍य बन गया है, जहां सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास हो चुका है। इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्‍थान विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्‍ताव पास किया जा चुका है।
विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में केंद्र सरकार से सीएए को रद्द करने और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) के क्रियान्वयन एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की योजनाओं को निरस्त करने की अपील की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा, 'यह प्रदर्शन केवल अल्पसंख्यकों का नहीं बल्कि सभी का है। इस आंदोलन का सामने से नेतृत्व करने के लिए मैं हिंदू भाइयों का धन्यवाद करती हूं। पश्चिम बंगाल में हम सीएए, एनआरसी, एनपीआर को नहीं लागू होने देंगे। हम शांतिपूर्वक लड़ाई जारी रखेंगे।'
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्था चटर्जी ने सदन में दोपहर करीब दो बजे यह प्रस्ताव पेश किया, जो कि पास हो गया। तीन राज्य- केरल, राजस्थान और पंजाब - नए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पहले ही पास कर चुके हैं। यह कानून राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच तकरार का नया मुद्दा बन कर उभरा है। एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस इस विवादित कानून का पूरी ताकत के साथ विरोध कर रही है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी इसे लागू करने पर जोर दे रही है।
गौरतलब है कि गत 20 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि सीएए के खिलाफ एक प्रस्ताव विधानसभा में पारित किया जाएगा। बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस, राज्य में कानून के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहे हैं। पिछले महीने कानून पारित होने के बाद राज्य में हिंसा और तोड़-फोड़ भी हुई थी।