शिवसेना का दावा, चीन में जैविक हथियार बनाने की कोशिश से उत्पन्न हो रहे करॉना वायरस

मुंबई।करॉना वायरस के वैश्विक संकट के बीच शिवसेना ने शुक्रवार को चीन पर जैविक हथियारों के उत्पादन का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने सवाल किया कि करॉना जैसे जानलेवा वायरस चीन में ही क्यों पैदा होते हैं? पार्टी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नोवल करॉना वायरस जैसे विषाणु जैविक हथियारों के उत्पादन के प्रयास से उत्पन्न हो रहे हैं।
महाराष्ट्र में सत्तासीन पार्टी ने कहा, 'अमेरिका और जापान समेत कई विकसित देश इस नए वायरस का मुकाबला कर रहे हैं। ऐसे में दुनिया भर के देशों को मिलकर यह पता लगाना चाहिए कि इस तरह के जानलेवा वायरस हमेशा चीन में ही कैसे पैदा होते हैं?' पार्टी ने दावा किया कि चीन में एक जैविक प्रयोगशाला है जहां करॉना वायरस पाया गया था। पार्टी ने कहा, 'इस प्रयोगशाला में विभिन्न जानवरों पर प्रयोग किए जाते हैं। ऐसे में विश्व समुदाय को यह भी पता लगाना चाहिए कि क्या ऐसे वायरस भविष्य में सामूहिक विनाश के जैविक हथियार बनाने के प्रयासों का परिणाम हैं।'
गौरतलब है कि करॉना वायरस इस महीने की शुरुआत में चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ था। इस महामारी से अब तक तकरीबन 200 लोगों की मौत हो चुकी है और दुनिया भर में लगभग 9000 से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं। महाराष्ट्र में कम से कम 12 लोगों की जांच की गई लेकिन अभी तक संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। भारत में एकमात्र मामला केरल के त्रिशूर में सामने आया, जहां एक युवती में वायरस का संक्रमण पाया गया। युवती का इलाज किया जा रहा है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
जैविक हथियार अन्य हथियारों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होते हैं। जैविक हथियारों के हमले में छोड़े गए खतरनाक वायरस एक ही झटके में एक पूरे इलाके को गंभीर जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त कर सकते हैं। इससे सामूहिक नरसंहार जैसे परिणाम मिलते हैं। इस दौरान खतरनाक बैक्टीरिया हवा, पानी के जरिए लोगों के शरीर में प्रवेश करते हैं और वे जानलेवा बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए दुनिया के कई देशों ने अपने यहां जैविक हथियारों का निर्माण किया है।