तहलका पोस्ट विशेष

कोरोना वायरस : कफस में बहुत महफूज हैं हम...

एक फिल्मी गाने के बोल हैं, 'कफस (पिजड़ा या कैद) में हम बहुत महफूज (सुरक्षित) होंगे, कि पहरे पर खड़ा सैय्याद (शिकारी) होगा।' इस रविवार चौदह घंटे के लिए अपने घर को कफस यानी कैद समझने का यह अहसास वाकई मन में इस बात को...

मध्यप्रदेश : कांग्रेस में असंतोष की जड़ में संवादहीनता भी

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जो सियासी माहौल अपने चरम पर है और सरकार की अस्थिरता को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं उस पर फिलहाल तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सक्रियता और मोर्चा संभाल लेने के बाद एक प्रकार से विराम...

मध्यप्रदेश : तलाश एक मातम शिरोमणि की

मातम पुरसी की विधा में सिद्धहस्त लोगों का एक बड़ा काम होता है। वे ऐसे समय पर दु:खी होने का स्वांग करने वालों के अहम मददगार साबित होते हैं। रोने का ढोंग करने से आंसू नहीं आ जाते। ऐसे मेंं ये मातम शिरोमणि अगले को...

भारत पर इस्लामी मलेशिया की प्रेतछाया

भारत-शत्रु महतिर बिन मुहम्मद को मलेशिया के प्रधान मंत्री पद से 1 मार्च 2020 को  हटा दिया गया| सुलतान अहमद शाह ने कुआलालम्पुर में डॉ. मुहिउद्दीन बिन हाजी मुहम्मद यासीन को प्रधान मंत्री पद की शपथ दिला दी| चौरानवे –वर्षीय महतिर साठ वर्षों तक दो...

मध्यप्रदेश : क्या कांग्रेस में अकेले ही जूझने को मजबूर हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए 14 माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी में चल रही गुटबाजी के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला नहीं हो पा रहा है। कमलनाथ मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दोहरी भूमिका...

मध्यप्रदेश : शिवराज की मायनाखेज दिल की बात

'हनक सत्ता की सच सुनने की आदत बेच देती है। हया को, शर्म को आखिर सियासत बेच देती है। निकम्मेपन की बेशर्मी अगर आंखों पे चढ़ जाए, तो फिर औलाद पुरखों की विरासत बेच देती है।' खवातीनो-हजरात, ये पंक्तियां कवि डॉ. कुमार विश्वास की हैं।...

कहां ले जा रहे हैं देश और समाज को...?

आखिर कैसा समाज हम बना रहे हैं, जो बिना किसी ठोस वजह के भी भड़क उठता है। साथ उठने-बैठने वाले, धंधा-कारोबार करने वाले लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। राजधानी में उपद्रव शुरू होता है तो फिर चलता ही जाता है, उस...

मध्यप्रदेश : दिग्विजय-सिंधिया मुलाकात.....!!

कम से कम इन दोनों की सोमवार को होने वाली संभावित मुलाकात में, 'दो सितारों का जमीं पर है मिलन आज की रात', जैसी प्यार मोहब्बत का कोई भाव जाहिर है शामिल नहीं होगा। दोनों सियासतदां हैं तो 'मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे'...

जय जय श्रीराम और जय बजरंग बली... के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ताकत देश में बढ़ाने के लिये रामरथ यात्रा तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने निकाली और भाजपा बढ़ी तेजी से बढ़ी। उसका एक कारण भगवान राम के प्रति लोगों के मन में अगाध आस्था थी। भाजपा ने जय जय श्रीराम......

कांग्रेस सोच और रणनीति बदलेगी या एम्बेसडर कार बनेगी?

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर अपना खाता ना खोल पाने की टीस अब कांग्रेस नेताओं के मन में खुलकर सामने आने लगी है और वे अपना संदेश आलाकमान तक पहुंचाने में किसी प्रकार का परहेज नहीं कर रहे हैं और ना ही...

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