कोरोना वैक्सीन पर एस्ट्राजेनेका ने दी खुशखबरी, कहा- ट्रायल के दौरान मिला अब तक का सबसे अच्छा डेटा

लंदन।एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से विकसित की जा रही कोरोना वैक्सीन AZD1222 के परीक्षण के बेहद उत्साहपूर्ण नतीजे आ रहे हैं। इस वैक्सीन का तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल जारी है। वहीं, दूसरे चरण के नतीजों को लेकर कंपनी ने खुशी जताई है। जल्द ही इसका डेटा साइंस जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा।
कंपनी के चीफ एक्जिक्यूटिव पास्कल सोरिट्स ने कहा कि वैक्सीन का विकास बहुत अच्छा चल रहा है। हमें वैक्सीन के परीक्षण को लेकर अब तक का सबसे अच्छा डेटा मिल रहा है। इसे जिन वॉलंटिअर्स को दिया गया था, उनके शरीर में वायरस के खिलाफ लड़ने वाली ऐंटीबॉडी के साथ-साथ वाइट ब्लड सेल्स Killer T-cells भी पाए गए।
कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित करने के लिए दुनियाभर में करीब 180 विकल्पों पर इस वक्त काम चल रहा है और अलग-अलग रिसर्च में सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। अमेरिका की Moderna Inc की वैक्सीन mrna1273 इंसानों पर पहले ट्रायल में सफल भी रही है।
दवा निर्माता कंपनी अस्ट्राजेनेका दुनिया की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन सकती है, क्योंकि यह अपनी प्रतिद्वंद्वी औषधि कंपनी गिलियड के साथ विलय पर विचार कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों से यह जानकारी मिली है। अगर ऐसा हुआ तो यह हेल्थकेयर सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी डील होगी।
भारत की सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी टीकानिर्माता कंपनी है। यह हर साल 1.5 अरब वैक्सीन डोज तैयार करती है जिनमें पोलियो से लेकर मीजल्स तक के टीके शामिल हैं। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने इसी भारतीय कंपनी को अपनी कोविड-19 वैक्सीन बनाने के लिए चुना है। पूणे की इस कंपनी ने पहले कहा था कि वह आखिरी आदेश मिलने से पहले ही वैक्सीन बनाना शुरू कर देगी ताकि जब तक सभी अनुमतियां मिलें तब तक अच्छी-खासी मात्रा में वैक्सीन रेडी हो सके।