अमेरिकी इकॉनमी में 73 साल बाद सबसे बड़ी गिरावट

वॉशिंगटन।कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित अमेरिका की जीडीपी में दूसरी तिमाही में 9.5 फीसदी की गिरावट आई है। कॉमर्स डिपार्टमेंट ने गुरुवार को यह बात कही। सालाना आधार पर जीडीपी में यह 32.9 फीसदी रही जो अब तक की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है। अमेरिका के आधुनिक इतिहास में इसकी तुलना ग्रेट डिप्रेशन और दूसरे विश्व युद्ध के बाद डिमोबिलाइजेशन से की जा सकती है। ये दोनो घटनाएं मॉडर्न इकनॉमिक स्टेटिस्टिक्स के आने से पहले हुई थीं।
अमेरिकी इकॉनमी में 1940 के दशक के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट है जो इस बात का प्रमाण है कि कोरोना वायरस महामारी ने पूरे देश में बिजनस को किस कदर प्रभावित किया है। इसके कारण देश में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। सालाना आधार पर जीडीपी में 32.9 फीसदी की गिरावट आई है जो 1947 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। इस दौरान पर्सनल स्पेंडिंग में भी सालाना आधार पर 34.6 फीसदी की रेकॉर्ड गिरावट आई है। अमेरिका की जीडीपी में पर्सनल स्पेंडिंग की दो-तिहाई हिस्सेदारी है।
इस तिमाही के दौरान कोरोना वायरस महामारी के कारण बिजनस बंद हो गए और लाखों रोज बेरोजगार हो गए। इससे देश में बेरोजगारी की दर 14.7 फीसदी पहुंच गई। कॉमर्स डिपार्टमेंट के अनुमान के मुताबिक जीडीपी में दूसरी तिमाही में आई गिरावट 1947 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 1958 में आइजनहावर एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान जीडीपी में 10 फीसदी की तिमाही गिरावट आई थी। इससे पहले जनवरी-मार्च में जीडीपी में 5 फीसदी की गिरावट आई थी। तब देश में कोरोना महामारी की शुरुआत हो रही थी। इस तरह अमेरिकी जीडीपी में रेकॉर्ड 11 साल से चला आ रहा बढ़ोतरी का सिलसिला टूट गया था।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था का सबसे अहम पिलर माने जाने वाला जॉब मार्केट भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नौकरी गंवाने वाले 10 लाख से अधिक लोगों ने लगातार 18वें सप्ताह बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है। अब तक करीब एक-तिहाई नौकरियां फिर से बहाल हो गई हैं लेकिन वायरस के फिर से सिर उठाने के कारण जॉब मार्केट की रफ्तार फिर से धीमी पड़ने की आशंका है।