समुद्र में 'दादागिरी' को तैयार चीन, जल्द लॉन्च करेगा तीसरा अडवांस एयरक्राफ्ट कैरियर

पेइचिंग।भारत और अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच चीन अपने तीसरे अडवांस एयरक्राफ्ट कैरियर को लॉन्च करने की तैयारियों में जुटा है। टाइप 002 क्लास का यह एयरक्राफ्ट कैरियर चीन का अपनी तरह का तीसरा जंगी जहाज होगा। इस एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने डिफेंस मैगजीन ऑर्डनेंस इंडस्ट्री साइंस टेक्नोलॉजी के हवाले से बताया है कि इसे 2020 के अंत या 2021 की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है।
साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, टाइप 002 श्रेणी के इस विमानवाहक पोत को बनाने का काम 2018 में ही शुरू हो गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे पिछले साल रोक दिया गया था। बताया जा रहा है कि इन एयरक्राफ्ट कैरियर्स का निर्माण तेजी से हो रहा है, क्योंकि इससे पहने बनाए गए स्वदेशी विमानवाहक पोत के निर्माण से श्रमिकों ने बहुत कुछ सीखा है। इसे शंघाई के बाहर जियांगन शिपयार्ड में बनाया जा रहा है।
चीन के टाइप 001 श्रेणी के एयरक्राफ्ट कैरियर्स में स्की जंप रैंप मौजूद था। जिससे विमान टेकऑफ किया करते थे। लेकिन, टाइप 002 क्लास के नए एयरक्राफ्ट कैरियर में दुनिया की सबसे एडवांस इलेक्ट्रो मैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम लगा होगा। यह सिस्टम यूएस नेवी के नई पीढ़ी की यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड क्लास के एयरक्राफ्ट कैरियर में लगी तकनीक के जैसी है।
इलेक्ट्रो मैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम किसी भी एयरक्राफ्ट कैरियर का सबसे ताकतवर प्रणाली होती है। इसी की मदद से भारी भरकम जहाजों को छोटे से रनवे से टेकऑफ के दौरान हवा में प्रक्षेपित किया जाता है। अगर किसी एयरक्राफ्ट कैरियर में इसकी जगह स्की जंप रैंप है तो उसपर भारी फाइटर जेट की तैनाती नहीं की जा सकती है।
भारत के पास मौजूद आइएनएस विक्रमादित्य एयरक्राफ्ट कैरियर में भी स्की जंप रैंप ही है। इस कारण इसपर किसी भारी फाइटर जेट को तैनात नहीं किया जा सकता है। इस युद्धपोत से अभी रूस में बने मिग 29के एयरक्राफ्ट को संचालित किया जाता है। वहीं, कुछ महीनों पहले इस एयरक्राफ्ट कैरियर से स्वदेशी एलसीए नेवी की लैंडिंग और टेकऑफ की प्रैक्टिस भी की गई थी।