अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डोनाल्ड ट्रंप के ख‍िलाफ महाभियोग सत्र शुरू

वाशिंगटन। डेमोक्रेटिक-नियंत्रित अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा कैपिटोल पर किए गए हमले को लेकर, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी, ऐतिहासिक दूसरे महाभियोग पर बहस शुरू कर दी. उम्मीद की जा रही है कि निचले सदन में सांसद महाभियोग के लिए मतदान करें - जो कि ट्रंप के खिलाफ कार्यवाही की औपचारिक शुरुआत होगी.
इससे पहले डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित करके देश के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अपील की कि वह निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए 25वां संशोधन लागू करें. इस प्रस्ताव को मंगलवार को 205 के मुकाबले 223 मतों से पारित किया गया. प्रस्ताव में पेंस से अपील की गई कि वह कैबिनेट से 25वां संधोशन लागू करने को कहें. इस संशोधन को पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी की हत्या के मद्देनजर 50 साल से अधिक समय पहले पारित किया गया था. यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति पद पर सेवा देने उपयुक्त नहीं रह जाता, तो उसकी जगह किसी और की नियुक्त किए जाने का प्रावधान करने के लिए इस संशोधन का उपयोग किया जाता है.
इससे पहले पेंस ने प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी से कहा था वह 25वां संशोधन लागू नहीं करेंगे. पेंस ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘हमारे संविधान में, 25वां संशोधन सजा देने या अधिकार छीनने का जरिया नहीं है. इस प्रकार से 25वां संशोधन लागू करना खराब उदाहरण पेश करेगा.''
पेलोसी ने सदन में कहा कि छह जनवरी को ट्रंप ने अमेरिका के खिलाफ एक घातक विद्रोह को भड़काया, जिसने इसके लोकतंत्र के दिल यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर हमला किया. उन्होंने कहा कि ‘‘तथ्य बिल्कुल स्पष्ट हैं'' कि इस राजद्रोही हमले के पीछे राष्ट्रपति का हाथ था और उन्होंने अपने समर्थकों को इसके लिए उकसाया.
कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) पर पिछले सप्ताह हुए हिंसक हमले के मद्देनजर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा बुधवार को मतदान करने के लिए तैयार है. महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन सकते हैं जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया.
सांसद जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू ने महाभियोग का प्रस्ताव तैयार किया है जिसे प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों ने सह-प्रायोजित किया. इसे सोमवार को पेश किया गया था. इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को ‘‘राजद्रोह के लिए उकसाने'' का आरोप लगाया गया है. इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटोल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई. इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई.