वुहान में 1 साल बाद फिर लौटा कोरोना

वुहान। दुनिया में कोरोना के सबसे पहले मामलों को रिपोर्ट करने वाले चीन के शहर वुहान में यह खतरनाक वायरस एक साल बाद फिर लौट आया है. इससे दहशतजदा चीन ने पूरे शहर का ही कोविड टेस्ट कराने का फैसला किया है. वुहान शहर की आबादी 1.1 करोड़ की है. वुहान प्रशासन के अधिकारी ली ताओ ने मंगलवार को कहा कि सभी नागरिकों का न्यूक्लिक एसिड टेस्ट कराया जाएगा, ताकि कोरोना वायरस के फैलने की किसी भी आशंका को खत्म किया जा सके. 
वुहान के अधिकारियों का कहना है कि प्रवासी मजदूरों के बीच कोरोना वायरस के सात नए मामले सामने आए हैं. लेकिन इसने स्वास्थ्य एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि चीन ने आधी से ज्यादा आबादी का वैक्सीनेशन पूरा कर लेने का दावा किया है. चीन ने कोरोना के सबसे पहले केंद्र वुहान में वायरस पर काबू पाने के लिए बेहद सख्त लॉकडाउन लागू किया था, जिसके अच्छे नतीजे भी देखने को मिले थे. वुहान प्रशासन ने पूरे शहर को घरों में ही कैद कर दिया था. सभी घरेलू यातायात साधनों को बंद कर दिया गया था.
इसके बाद कई महीनों तक कोरोना वायरस की जांच और संक्रमण की रोकथाम का अभियान चलता रहा था. चीन में मंगलवार को कोरोना वायरस के 61 नए मामले मिले हैं. बेहद तेजी से फैलने वाला डेल्टा वैरिएंट भी कई शहरों तक पहुंच गया है. चीन के नानजिंग प्रांत में संक्रमण के लगातार मामले मिल रहे हैं, जो पूरे देश में फैलने की आशंका से हड़कंप मच गया है. 
बीजिंग समेत कई अन्य बड़े शहरों में भी लाखों नागरिकों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है. जहां कोरोना संक्रमण के मामले समूह में मिल रहे हैं, वहां इमारतों या परिसरों को सील भी किया जा रहा है. अनिवार्य क्वारंटाइन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. नानजिंग के निकट पूर्वी शहर यांगझोऊ में भी बड़े पैमाने पर कोरोना जांच के अभियान के बाद 40 नए केस मिले हैं. इसके बाद लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया है.
यांगझोऊ में 1.3 करोड़ की शहरी आबादी है. यहां हर घर से सिर्फ एक ही व्यक्ति को एक दिन में घर से बाहर निकलने और सामान खरीदने की आजादी दी गई है.  चीन के हुनान प्रांत के शहर झांगजिएजि और झुझोऊ शहर में भी स्थानीय प्रशासन ने ऐसे आदेश जारी किए हैं. इन दोनों शहरों में आबादी 20 लाख से ऊपर है.