बिहार:अब एलजेपी भी वर्तमान परिस्थिति में चुनाव पर असहमत

पटना।बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार यानी 7 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार चुनाव की तैयारी में जुटी है, लेकिन लाशों के ढेर पर चुनाव कराना ठीक नहीं है। तेजस्वी ने यह भी कहा था कि बिहार के लोग कोरोना से मर रहे हैं, लेकिन पता नहीं नीतीश कुमार को किस बात की जल्दबाजी है कि वह बिहार में चुनाव करवाना चाहते हैं। तेजस्वी की बात का एक तरह से समर्थन करते हुए अब एलजेपी भी वर्तमान परिस्थिति में चुनाव पर असहमत नजर आ रही है।
चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा कि, लोक जनशक्ति पार्टी चुनाव के लिए तैयार है, लेकिन कोरोना के प्रकोप से बिहार ही नहीं पूरा देश प्रभावित है। कोरोना के कारण आम आदमी के साथ साथ केंद्र व बिहार सरकार का आर्थिक बजट भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में चुनाव से प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों ने इस विषय पर चिंता जताई है। चुनाव आयोग को भी इस विषय पर सोच कर निर्णय लेना चाहिए। कहीं ऐसा ना हो कि चुनाव के कारण एक बड़ी आबादी को ख़तरे में झोंक दिया जाए। इस महामारी के बीच चुनाव होने पर पोलिंग पर्सेंटेज भी काफ़ी नीचे रह सकता है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
भले ही बिहार विधानसभा चुनाव टालने को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान के सुर एक हो गए हो, लेकिन हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी कोरोना महामारी के दौरान ही चुनाव कराने के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया कि उनकी पार्टी चुनाव कराने के लिए पक्ष में है। निर्वाचन आयोग जब चाहे तब चुनाव करा सकता है। उनके कार्यकर्ता चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए और बूथों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के साथ ही मेडिकल टीम की व्यवस्था होनी चाहिए।