पहली तिमाही में 81 फीसदी बढ़ा भारतीय स्टेट बैंक का मुनाफा

नई दिल्ली।भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2020) का एकल शुद्ध लाभ 81 प्रतिशत बढ़कर 4,189.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। डूबा कर्ज घटने तथा अपनी अनुषंगी इकाई एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री से बैंक का मुनाफा बढ़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2019- 20 की इसी तिमाही में बैंक ने 2,312.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
बैंक ने पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि जून तिमाही के मुनाफे में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में 2.1 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त 1,539.73 करोड़ रुपये की राशि भी शामिल है। एसबीआई लाइफ में अब बैंक की हिस्सेदारी 57.70 प्रतिशत से घटकर 55.60 प्रतिशत रह गई। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में देश के सबसे बड़े बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी एकल कुल आय बढ़कर 74,457.86 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 70,653.23 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही के दौरान बैंक का परिचालन लाभ 36 प्रतिशत बढ़कर 18,061 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 13,246 करोड़ रुपये था। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की ब्याज आय छह प्रतिशत बढ़कर 66,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 62,638 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन घटकर 3.01 प्रतिशत रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 3.24 प्रतिशत था।
तिमाही के दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घटकर 5.44 प्रतिशत रह गईं, जो कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 7.53 प्रतिशत पर थीं। इसी तरह बैंक का शुद्ध एनपीए घटकर 1.8 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 3.07 प्रतिशत था। इसके चलते डूबे कर्ज के लिए बैंक का प्रावधान घटकर 9,420.46 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 11,648.45 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान बैंक ने कोविड-19 के मद्देनजर 1,836 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है।
बैंक ने कहा कि यह प्रावधान रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुरूप है। जून तिमाही के अंत तक बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात 86.32 प्रतिशत था। वहीं पूंजी पर्याप्तता अनुपात सुधरकर 13.40 प्रतिशत रहा। तिमाही के दौरान एकीकृत आधार पर एसबीआई का शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत बढ़कर 4,776.50 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 2,950.50 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 87,984.33 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 83,274.04 करोड़ रुपये थी।