जो भी राजनीतिक तूफान आएगा, उसका सामना करूंगा, मैं कोरोना से भी मुकाबला करूंगा : उद्धव ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज (रविवार) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता को संदेश दिया. उद्धव ने कहा, 'तकरीबन 29 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है. किसानों के पीछे सरकार खड़ी है. पिछले 4 महीनों में हमने बेड और इलाज की सामग्री की संख्या बढ़ाई है, जिसमें ऑक्सीजन के साथ-साथ दवाइयां आदि शामिल हैं. तूफान के आते ही लोगों की मदद के लिए 700 करोड़ की निधि दी गई. 60 लाख बेड हमने इस 4 महीने के कार्यकाल में बढ़ाए हैं. इस समय ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर कइयों की शिकायत है. किसानों के लिए काम करने वाले बैल भी एक तरह से उनके परिवार का सदस्य है. किसानों के लिए एक नई योजना ला रहे हैं. सभी तरफ से किसान परेशानियों से जूझ रहे हैं.'
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, 'किसान वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकते हैं, इसलिए किसानों के लिए एक नई योजना लाए हैं. जो बिकेगा वही उगेगा. किस तरह की खेती हो उस पर ध्यान देंगे, जो बिकेगा उत्तम दर्जे की फसल का, उस पर ध्यान देंगे. किसानों को किस तरह से दाम मिलेंगे, उसके लिए मदद करेंगे. मराठा आरक्षण का फैसला सभी पार्टियों के एकमत से पारित किया गया था. मामले को लेकर HC में भी हमने कामयाबी हासिल की. अब मामला SC में है, वहां सुनवाई चल रही है. विधिमंडल के सभी पार्टी ने मराठा आरक्षण देने में समर्थन किया है. इसी बीच राज्य के अहम मुद्दों में मराठा आरक्षण के मुद्दा भी शामिल है. इस मामले में हमने बॉम्बे हाईकोर्ट में कामयाबी हासिल की. अब हमारा मामला देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने है. देश के बेस्ट वकील हमारा केस लड़ रहे हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'पिछले कई दिनों से हम मराठा आरक्षण को लेकर सभी से मुलाकात और चर्चा कर रहे हैं. कई संस्था, नेता और लोगों से बात चल रही है. मराठा समाज से मुझे गुजारिश करनी है कि जब सरकार न सुने तब आप सड़कों पर उतरे, लेकिन जब सरकार आपकी बात मान रही है तब सड़कों पर क्यों उतरना. एक दिलासा-दायक रास्ता क्या हो सकता है, उस पर हम बात कर रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच कोई अन्य आंदोलन करने का रास्ता न निकले. सरकार रास्ता निकालने की राह पर है. हम सब एकजुट होकर इस बारे में आगे बढ़ेंगे. सभी की राय को लेकर कोर्ट में किस तरह से मराठा आरक्षण के लिए आगे जाना है इस पर चर्चा की है. विरोधी पक्ष नेता से भी बात की, वो बिहार में थे इसलिए नहीं आए बैठक में. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की राजनीति नहीं करते हुए आरक्षण देना है.'
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कोरोना के इस संकट से मिल-जुलकर लड़ेंगे और इस संकट से निपटने के लिए साथ लड़ेंगे और विजय हासिल करेंगे. सार्वजनिक जगह अगर मास्क नहीं तो कार्रवाई की जाएगी. दुकान में सावधानी नहीं तो दुकान बंद कराई गई. इस तरह की कार्रवाई करनी पड़ी है. ये संकट आखिरी संकट है, ऐसा नहीं है. आगे भी हर परिस्थिति के लिए हमें अलर्ट रहना होगा. यह दुनिया का पहला बड़ा संकट है जिसका हम सामना कर रहे हैं. जितने भी राजनीतिक तूफान है, उनका मैं सामना करूंगा. कोई परवाह नहीं है और कोरोना से भी लड़ाई जारी रहेगी. हम 5 रुपये में शिव भोजन दे रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में हमने जो काम किया है कि नैसर्गिक आपत्ति से लड़े, राजनीतिक आपत्ति से भी लड़ेंगे.'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझसे जिम और होटल के लोगों ने मुलाकात की. मैंने कहा कि जो नियम है उसे मानें, मैं इसे शुरू करता हूं. आते-जाते देखता हूं कि मुंबई शहर में मास्क पास में है लेकिन पहनते नहीं है, ऐसी गलती न करें. प्लीज मास्क लगाएं. अब कहा जा रहा है कि कोरोना का संकट बढ़ता ही जा रहा है. WHO की रिपोर्ट की बात भी कही. शायद दिसंबर या जनवरी तक वैक्सीन आ जाएगी. महाराष्ट्र को सुरक्षित रखना मेरी जिम्मेदारी है. सभी धर्म के लोगों ने सामाजिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए अपने-अपने त्योहार मनाए, सब का धन्यवाद. धीरे-धीरे सब शुरु हो रहा है. कोरोना का संकट बढ़ रहा है और भी बढ़ेगा. पूरी दुनिया में लगता है कि सेकेंड वेव शुरु होगी. महाराष्ट्र की बदनामी का जो सिलसिला चल रहा है, उस बारे में बात करुंगा. आम जनता से मेरा यही कहना है कि खबरदारी आपको लेनी है, जवाबदारी मैं लेता हूं. हमने चाहे विदर्भ हो या राज्य के अन्य संकट, सभी पर बारी-बारी से ध्यान दे रहे हैं. मेरा राज्य मेरा पूरा परिवार है.'
उद्धव ने कहा, 'नगरसेवक हो, स्थानीय कार्यकर्ता हो, किसी भी दल का हो, विधायक हो, संबंधित किसी भी क्षेत्र से जुड़ा सामाजिक कार्यकर्ता हो, सभी को अपने-अपने इलाके की जवाबदेही पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है. किसी प्रकार की कोई भी परेशानी है, तो सबंधित प्रशासन को सूचित करें. 12 करोड़ जनता की जांच करना काफी मुश्किल है. जहां पर आप नहीं पहुंच सकते, वहां मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर रहा हूं. नियम का कड़ाई से पालन करें. जितने भी जनता के सेवक हैं, उन सभी को आगे बढ़कर काम करना चाहिए, वो सभी आगे आएं.'