कांग्रेस सरकार की कुंडली में था अकाल मृत्यु योग : उमा भारती

 भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने कहा कि आजकल पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ यह कह रहे हैं कि हमारी सरकार वोटों की सरकार थी। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि वोट भारतीय जनता पार्टी को ज्यादा मिले थे, लेकिन उनका वितरण इस प्रकार था कि कांग्रेस को कुछ सीटें ज्यादा मिली थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बन जरूर गई थी लेकिन यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि सरकार चला कौन रहा है? कम समय में ही प्रदेश की जनता उस सरकार से परेशान हो गई थी, क्योंकि जनता को शिवराज जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की आदत थी। कांग्रेस के पास विकास की कोई सोच नहीं है, वह तो सिर्फ वोटों की, भाई-भतीजावाद की और सांप्रदायिकता की राजनीति करना जानती है। कांग्रेस की उस सरकार की कुंडली में अकाल मृत्यु योग था और यह लगने लगा था कि यह सरकार ज्यादा दिन चल नहीं पाएगी। जिस तरह स्व. राजमाता जी ने अत्याचारी कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस सरकार को ध्वस्त करके जनसंघ का दामन थाम लिया था, उसी इतिहास को दोहराते हुए उनके पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कांग्रेस की सरकार को ध्वस्त कर दिया। यह बात उमा भारती ने अशोकनगर जिले के मुंगावली और भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा के अमायन में एक समारोह में कही । 
उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार से हर कोई त्रस्त था, लेकिन उस सरकार को गिराने में हमारी कोई भूमिका नहीं रही। वो सरकार अपनी ही वजहों से गिरी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित सरकारों को गिराना कांग्रेस की संस्कृति रही है। 6 दिसंबर को अयोध्या की घटना के बाद कांग्रेस की सरकार ने हमारी सभी राज्य सरकारों को भंग कर दिया, जबकि सरकार का कोई पदाधिकारी कारसेवा में शामिल नहीं हुआ था। उससे पहले 1980 में जब इंदिरा जी दोबारा प्रधानमंत्री बनीं, तो उन्होंने विपक्षी दलों की सरकारों को एक-एक करके भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि हमें लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाले कांग्रेस के लोग पहले अपनी कारगुजारियां तो देख लें।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जो आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं उसमें मध्यप्रदेश शिवराज जी के नेतृत्व में एक मॉडल स्टेट बनेगा, क्योंकि मध्यप्रदेश के पास वो तमाम संसाधन मौजूद हैं जो इसके लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसा नेतृत्व चाहिए जो आत्मविश्वास से भरा हो। केंद्र की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एक सक्षम हाथ चाहिए। शिवराज जी में ये सभी खूबियां मौजूद हैं और विकास के काम में कोई कसर बाकी नहीं रखना उनका स्वभाव है।