मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं मुख्यमंत्री शिवराज :कमलनाथ

भोपाल।आज मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी अजब सिंह कुशवाह के समर्थन में आयोजित जनसभा में बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं चंबल की जनता को बधाई देता हूं कि उन्होंने उनको गुलाम समझने वाले महाराजाओं से आजादी पा ली, उनसे तो आजादी पा ली लेकिन अब समय आ गया है कि माफियाओं की गुलामी से भी हमें छुटकारा पाना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं वह अच्छी तरह सुन ले , मुझ पर इतने वर्ष के राजनीतिक जीवन में आज तक कोई उंगली नहीं उठा सका , मेरा राजनीतिक जीवन बेदाग है , मेरा नाम ना कभी डंपर घोटाले से जुड़ा, ना व्यापम घोटाले से जुड़ा और ना किसी ई-टेंडर  घोटाले से जुड़ा। 
उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि सत्ता से बाहर होकर शिवराज जी सुधर जाएंगे,झूठ बोलना बंद कर देंगे लेकिन उनका झूठ बोलना अभी भी जारी है।मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें तो झूठे आरोपो के लिये मुझसे मंच पर आकर सार्वजनिक माफी मांगना चाहिए। सुन लीजिये शिवराज जी,अब यह नहीं चलेगा कि कुछ भी झूठ बोल दो, झूठ की राजनीति को मध्य प्रदेश की जनता ने पहचान लिया है और झूठ भेजने वालों को घर भी भेज दिया था। 
कमलनाथ ने कहा कि मैंने अपनी सरकार में माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू किया था।सब जानते थे कि इसमें यहाँ के भाजपा प्रत्याशी का भी नाम सामने आने वाला था और वे यह भी जानते थे कि कमलनाथ को कोई डरा नहीं सकता,दबा नहीं सकता, किसी दबाव-प्रभाव में नहीं ला सकते इसीलिए इन जैसे लोगों ने भाजपा के साथ मिलकर सौदेबाजी की।
उन्होंने कहा कि 15 वर्ष की शिवराज सरकार में प्रदेश की क्या हालत कर दी ? कोई निवेश नहीं, कोई नया उद्योग नहीं ,किसानों को मुआवजा तक नहीं,युवाओं को रोजगार नहीं।स्व.अर्जुन सिंह ने मालनपुर की शुरुआत की थी,आज देख लीजिए क्या हालत है ? मध्य प्रदेश में 15 वर्ष की शिवराज की सरकार में उद्योग लगे तो सिर्फ़ शराब के।कोई विश्वास का माहौल नहीं क्योंकि प्रदेश की पहचान माफियाओं से मिलावट खोरो से व भ्रष्टाचार से थी।
कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जी कहते हैं कि जनता मेरी भगवान,अरे शिवराज जी आप कितनी भी कलाकारी कर लीजिए,जनता के सामने घुटने टेक बैठ जाइए लेकिन जनता सब समझती है कि  आपके भगवान तो माफिया और मिलावट खोर है। हमने मिलावट खोरो और माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया, उससे दूध का भाव बढ़ा। हमने किसानों का कर्जा माफ किया,  ₹100 में 100 यूनिट बिजली प्रदान की, पेंशन बढ़ाई और अपनी नीति-नीयत का परिचय दिया, वहीं शिवराज जी प्रदेश को कहां ले गए ?आज किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है और शिवराज जी घोषणा कर रहे हैं कि हमने इतने हजार करोड रुपए किसानो के खाते में डाल दिए, किसानो को बीमा के पैसे नहीं मिल रहे है और शिवराज जी आज बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे है।सब जानते हैं कि 15 वर्ष में इन्होंने 15 हज़ार घोषणाएँ की जो आज तक अधूरी है लेकिन फिर भी इन्हें शर्म नहीं आती है।जेब में नारियल लेकर चलते हैं, जहां मौका मिलता है फोड़ देते है लेकिन शिवराज जी अब आप समझ लीजिए जनता मूर्ख बनने वाली नहीं,हमारा आज का नौजवान बहुत समझदार है।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव मध्यप्रदेश की हार-जीत का चुनाव नहीं है, यह तो इस बात का चुनाव है कि हम प्रदेश को किस पटरी पर ले जाना चाहते हैं,युवाओं के,किसानों के भविष्य को कैसे सुरक्षित रखना चाहते हैं,कैसे प्रदेश का नवनिर्माण करना चाहते हैं,कैसा विकास चाहते हैं,कैसा नौजवानों का भविष्य चाहते हैं,कैसे किसानों की मजबूती चाहते हैं ? उन्होंने हमें कैसा प्रदेश सौंपा,किसानों की आत्महत्या में ,महिलाओं पर अत्याचार में ,भ्रष्टाचार में ,बेरोजगारी में नंबर वन ?आज जनता को समझना होगा कि प्रदेश पर उपचुनाव का भार क्यों आया ? हमें अपने प्रजातंत्र व संविधान की रक्षा करना है, सौदेबाजी व बोली की राजनीति को करारा जवाब देना है।
कमलनाथ ने कहा कि जनता पर दबाव की राजनीति भाजपा के लोग कर रहे हैं ।वह समझ ले कि जनता सीधी हैं, सरल है,सब बर्दाश्त कर लेगी लेकिन अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी, 3 तारीख के बाद वह इस अन्याय का हिसाब आपसे जरूर लेगी।यह भी सुन ले कि कमलनाथ की चक्की देर से चलती है लेकिन बहुत बारीक पीसती है। प्रदेश की जनता इस चुनाव से यह संदेश देगी कि वह माफीया और मिलावटखोरों की सरकार नहीं चाहती  हैं, वह सिर्फ़ विकास चाहती हैं,नौजवानों का भविष्य सुरक्षित चाहती हैं, किसानों की मजबूती चाहती हैं। मैं आज आप से अपील करता हूं कि कमलनाथ व कांग्रेस का साथ भले मत देना लेकिन सच्चाई का साथ ज़रूर देना,सच्चाई ही आपका भविष्य सुरक्षित रखेगी।