कमलनाथ अब फिर से जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला पूरक वचन-पत्र लेकर आएः गेहलोत

इंदौर। 15 माह तक प्रदेश की जनता की आंखों में धूल झोंककर लूट-खसोट करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक बार फिर से पूरक वचन पत्र लेकर आए हैं। इस बार के वचन पत्र में भी उन्होंने कई सपने दिखाए हैं, लेकिन अब प्रदेश की जनता समझ गई है कि इनके वचन सिर्फ झूठे वचन ही साबित होते हैं। ये तो कांग्रेस के खून में ही है कि वे फूट डालो और शासन करो की नीति पर काम करते हुए जातिवाद व तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। इन्होंने ही देश-प्रदेश में जातिवाद को हवा दी। ये बातें केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कही। वे शनिवार को इंदौर जिले के सांवेर विधानसभा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा सहित कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह वचन पत्र कांग्रेस के अंदरूनी हालात को प्रकट करता है। इसमें कोई घोषणा नहीं है। कमलनाथ के अलावा कोई दूसरा नेता इस वचन पत्र में कहीं नजर नहीं आ रहा है और न ही किसी का जिक्र है। पूरक वचन-पत्र जारी करते समय कमलनाथ ने 4 मिनट में 5 बार भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को कोसा है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस और कमलनाथ हमारे मुख्यमंत्री चैहान और भारतीय जनता पार्टी से किस कदर भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ के पास अगर नए वचन-पत्र में जनता को देने के लिए कोई वादा नहीं था तो कम से कम पुराने वचन-पत्र के वादे पूरे न करने के लिए जनता से माफी ही मांग लेते। वचन-पत्र देखकर लगता है कि अब राहुल गांधी भी कमलनाथ से हाथ खींचने लगे हैं, क्योंकि 10 दिन में कर्जमाफी का वादा उन्होंने ही किया था जो कभी पूरा नहीं हुआ।
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 2018 के वचन-पत्र में कहा था कि हम अनाज, सब्जियों पर किसानों को बोनस देंगे, दूध पर बोनस देंगे, लेकिन किसी किसान को एक रुपया बोनस नहीं दिया। कांग्रेस ने डीजल-पेट्रोल पर छूट देने की बात कही थी। लोगों को आवास के अधिकार की बात कही थी, जिसमें ढाई लाख रुपए और 450 वर्गफीट जगह का प्रावधान था। कांग्रेस ने कहा था हम नौजवानों को 4 हजार रुपए महीना बेरोजगारी भत्ता देंगे, व्यवसाय के लिए रियायती दरों पर कर्ज देंगे। कांग्रेस ने रोजगार प्रोत्साहन के लिए 10 हजार रुपए का अनुदानयुक्त ऋण देने की बात भी कही थी, लेकिन कमलनाथ सरकार ने अन्य वादों की तरह इस वादे को भी पूरा नहीं किया। दूसरी तरफ हमारी शिवराज सरकार ने सिर्फ 6 महीनों के कार्यकाल में लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को 10 हजार रुपए तक का ब्याजमुक्त कर्ज उपलब्ध करा दिया है।
गेहलोत ने कहा कि सलमान खान और जैक्लीन के साथ फोटो खिंचाने में व्यस्त रहे कमलनाथ ने आईफा अवार्ड के लिए 700 करोड़ का प्रावधान किया लेकिन मैचिंग ग्रांट न होने की बात कहकर ढाई लाख गरीबों के लिए स्वीकृत आवास लौटा दिए। कमलनाथ अब पूछते हैं कि मेरा क्या कसूर है, उन्होंने एक नहीं हजारों कसूर किए हैं। उन्होंने संबल योजना बंद कर दी, बच्चों के लेपटॉप, विकलांगों की पेंशन बंद कर दी। उनके कार्यकाल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 22500 शादियां हुईं, लेकिन किसी को 51000 की राशि नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लोगों के साथ धोखेबाजी नहीं, बल्कि एक अपराध है।