प्रवासी पक्षियों की तरह वोट मांगने आ रहे कांग्रेस नेताओं को जनता देगी जवाबः सिंधिया

भोपाल। कांग्रेस की तरफ से जो लोग अब वोट मांगने के लिए आ रहे हैं, वो प्रवासी पक्षियों की तरह हैं। उन्होंने कभी इस क्षेत्र के विकास के बारे में नहीं सोचा। जो कमलनाथ मुख्यमंत्री रहते कभी इस क्षेत्र में नहीं आए, वो अब वोट मांगने के लिए आ रहे हैं। लेकिन जनता इन प्रवासी पक्षियों को अच्छे से पहचानती है और आने वाले चुनाव में इस क्षेत्र की जनता ही उन्हें जवाब देगी। यह बात सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को बमौरी विधानसभा के तखनेरा, बड़ा मलहरा के धुवारा, भांडेर के उनाव, डबरा के छीमक और बिलौआ तथा ग्वालियर पूर्व के चंद्रबदनी नाका में सभाओं को संबोधित करते हुए कही।
सिंधिया ने कहा कि मेरा जन्म इसी माटी में हुआ, बहन इमरती देवी का जन्म यहीं हुआ, ये कमलनाथ कहां से आ गए? उन्होंने कहा कि एक परदेशी बाबू आपकी-मेरी धरती पर आए और हमारी बहन-बेटी इमरती देवी को बेइज्जत करे यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। बाहर से आकर यहां की माटी का अपमान करने वालों का हमें तीन तारीख को हिसाब करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इमरती देवी आपकी बेटी है, बहू है, आपके घर की लाज है। इसे आपने ही आशीर्वाद दिया और पंच, विधायक और मंत्री बनाया। सिंधिया ने कहा कि सिर्फ कमलनाथ ने ही इन्हें बेइज्जत नहीं किया, कांग्रेस एक और नेता अजयसिंह कहते हैं कि इस इमरती को चुनाव के बाद जलेबी बनाना है। सिंधिया ने कहा कि ये साधारण चुनाव नहीं है बल्कि इस क्षेत्र की माटी के सम्मान और स्वाभिमान का चुनाव है। इस चुनाव से हमें पूरे देश को यह संदेश देना है कि यहां की धरती बहन-बेटी के अपमान को बर्दाश्त नहीं करती और अपमान करने वालों को छोड़ती भी नहीं है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि लोग पद और सम्मान पाने के लिए राजनीति करते हैं लेकिन उनका यह उद्देश्य नहीं है। उनके लिए जनता की सेवा ही प्रमुख उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के साथ उनके राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्ते रहे हैं और अपने 20 सालों के राजनीतिक जीवन में उन्होंने विकास और जनता की खुशहाली के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। बात चाहे नेशनल हाईवे की हो या गांव की सड़कों की, मोबाइल टावर की हो या बिजली के ट्रांसफार्मर की, उन्होंने जनता को हर सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सिंधिया ने कहा कि विकास के ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय जब भी कोई जनप्रतिनिधि विकास की बात करता तो उनका एक ही जवाब होता था, पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने शिवराज की सरकार द्वारा शुरू की गई जनहित की योजनाओं को लॉक कर दिया था। लेकिन फिर से शिवराज जी के मुख्यमंत्री बनते ही इन योजनाओं को फिर अनलॉक कर दिया गया है। उन्होंने बमौरी का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्वारखेड़ा बांध के लिए मना कर दिया था लेकिन मैंने और शिवराज जी ने लोगों की खुशी के लिए वही बांध मंजूर कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह बमौरी क्षेत्र में शुद्ध पेयजल के लिए 497 करोड़ की योजना मंजूर कर दी गई है, जिसका पानी गोपीकृष्ण सागर बांध से गांव-गांव में जाएगा।
सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह बड़ा भाई-छोटा भाई हैं। चुनाव के समय बड़ा भाई पर्दे के पीछे हो जाता है। सत्ता आने के बाद एक कुर्सी पर बैठता है और दूसरा पर्दे के पीछे से सरकार चलाता है। उन्होंने कहा कि उन पर गरीब जनता के लिए पैसा नही होता, लेकिन खुद करोड़ों, अरबों रुपए कमाते हैं। सिंधिया ने कहा कि जनता से वादाखिलाफी करने वालों को सिंधिया परिवार कभी नहीं छोड़ता। 50 साल पहले जनता का अपमान करने वाली डी.पी.मिश्रा की सरकार को मेरी दादी ने गिराया था और अब जनता से वादाखिलाफी करने वाली, उसका अपमान करने वाली कमलनाथ सरकार को मैंने धूल चटाई है, सबक सिखाया है।