औद्योगिक इकाईयों के 1700 करोड़ के क्लेम प्रकरणों में सहायता राशि के लिये आवंटन का अनुरोध

 भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव के साथ 11 जनवरी को 'चाय पर चर्चा' की। इस दौरान उद्योग संवर्धन नीति के अंतर्गत प्रावधानित विभिन्न सुविधाओं के प्रकरणों में औद्योगिक इकाईयों के लगभग 1700 करोड़ के क्लेम प्रकरणों में सहायता राशि के वितरण के लिये वित्त विभाग से अतिरिक्त बजट आवंटन कराये जाने का अनुरोध करने का निर्णय लिया गया।
भारत शासन की फार्मा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई जिला होशंगाबाद में 'बल्क ड्रग पार्क'' एवं 'मेडिकल डिवाइस पार्क'' की स्थापना के लिये प्रेषित प्रस्तावों की स्वीकृति के संबंध में केन्द्रीय मंत्री केमिकल एवं फर्टिलाइजर मंत्रालय, भारत सरकार से अनुरोध किया जायेगा।
'चाय पर चर्चा'' के दौरान वर्ष 2014 में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय के अनुरूप नगरीय क्षेत्रों में अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में भवन निर्माण अनुज्ञा के अधिकार त्रि-सदस्यीय समिति के स्थान पर कार्यकारी संचालक क्षेत्रीय कार्यालय एमपीआईडीसी को प्रत्यायोजित करने के लिये अनुरोध किये जाने की बात कही गई। तदनुसार पूर्व में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों/विभाग की अविकसित शासकीय भूमि पर स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों के भवन निर्माण अनुज्ञा के अधिकार कार्यकारी संचालक क्षेत्रीय कार्यालय एमपीआईडीसी को प्रत्यायोजित करने का अनुरोध किया जायेगा। इस परिप्रेक्ष्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पुन: प्रस्ताव प्रेषित किये गये हैं।
चर्चा के दौरान प्रदेश में निर्यात संवर्धन तथा स्थानीय निर्यातकों की समस्या के निराकरण और इस विषय में केन्द्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने के लिये गठित राज्य-स्तरीय संवर्धन समिति में प्रबंध संचालक एमपीआईडीसी को संयोजक नियुक्त किया गया है।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश रोड मेप-2023 के अंतर्गत निर्यात प्रोत्साहन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एक्सपोर्ट ट्रेड फेयर में भागीदारी तथा निर्यात प्रोत्साहन एवं उत्पादों की ब्रॉण्डिंग के लिये विभिन्न देशों में ट्रेड फेयर के आयोजन की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। अतएव उक्त उद्देश्य की पूर्ति के लिये वित्तीय वर्ष 2021-22 में 30 करोड़ का बजट प्रावधान कराये जाने और इसके लिये नवीन लेखा शीर्ष का सृजन करने के लिये वित्त विभाग से अनुरोध करना चाहेंगे। इस संबंध में प्रस्ताव पूर्व से प्रेषित है।