प्रियंका गांधी का निशाना, बोलीं- हमारे प्रधानमंत्री भी अहंकारी राजा की तरह हो गए

मुज़फ्फ़रनगर।  केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने रहे किसानों के साथ कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार पर निशाना साधा. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा कि 90 दिनों से लाखों किसान दिल्ली के बाहर बैठे हुए हैं. उन्होंने केंद्र को आड़े हाथ लेते हुए आरोप लगाया कि किसानों को प्रताड़ित किया गया, उन्हें देशद्रोही कहा गया. प्रधानमंत्री ने किसानों का मजाक उड़ाया. प्रियंका ने कहा, "यहां मुज़फ़्फ़रनगर में आना मेरा कर्तव्य है. हर नेता को अहसास होना चाहिए कि जनता आकर अहसान करती है. 90 दिनों से लाखों किसान दिल्ली के बाहर बैठे हुए हैं. 215 किसान शहीद हुए, बिजली और पानी की लाइन काटी गई. राजधानी की सीमा को देश की सीमा बना दिया गया. किसान को प्रताड़ित किया गया, ज़लील किया गया. किसान को देशद्रोही कहा गया. प्रधानमंत्री ने संसद में उन्हें आंदोलनजीवी कहा. प्रधानमंत्री ने किसानों का मज़ाक़ उड़ाया."

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उन्होंने सरकार पर पूंजीपतियों का साथ देने का आरोप लगाया. प्रियंका ने कहा कि इनके पूंजीपति मित्र हज़ारों करोड़ कमा रहे हैं. धीरे-धीरे सरकारी मंडियां बंद हो जाएंगी. प्राइवेट मंडियों के खुलने से पूंजीपतियों की चलेगी, जो चाहेंगे वो करेंगे. इस कानून के तहत आपकी सुनवाई नहीं है. आप अदालत नहीं जा सकते, आपको एसडीएम के पास जाना होगा. आप लड़ नहीं सकते. ये नए कानूनों में लिखा है. 
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पूरा देश नहीं पूरी दुनिया देख रही है. पुरानी कहानियों में अहंकारी राजा होता था, हमारे प्रधानमंत्री जी भी अहंकारी राजा बन गए हैं. जो जवान इस देश की सीमा की सुरक्षा पर तैनात है वो उस किसान का बेटा है. उनका सम्मान होना चाहिए. वो (पीएम मोदी) बताएं कि ये कानून किसान से पूछकर बनाया गया. 
प्रियंका ने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र करते हुए किसान पंचायत में कहा कि आपने संघर्ष किया था तो मेरे पिता जी राजीव गांधी ने आपकी बातें मानी थीं. मेरे पिता जी ने आपको सम्मान दिया. मैं भी खुद्दार हूं, मैं ग़द्दारी नहीं करूंगी. मैं राजनीति के लिए मुंह दिखाने के लिए नहीं आई. मैं बार बार आती रहूंगी. हम आपके साथ संघर्ष करेंगे. आप पीछे मत हटिए. इस सरकार को पीछे हटना पड़ेगा.