राज्यपाल के अभिभाषण के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत में बीजेपी के सीनियर एमएलए गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। खास यह है कि 41 मिनट 3 सेकंड के अभिभाषण में राज्यपाल ने पीएम मोदी के नाम का 7 बार जिक्र किया। उन्होंने केंद्र की 10 योजनाओं के बारे में बताया। राज्यपाल के अभिभाषण की शुरुआत और समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से हुआ।
बाद में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि राज्यपाल पर दया आती है। उन्होंने पीएम का इतनी बार नाम लिया कि मुझे लगा लोकसभा में हूं। जब मैं कोरोना की बात करता था तो शिवराजजी मजाक उड़ाते थे। अब राज्यपाल के जरिए कोरोना पर अपनी उपलब्धियां गिनवा रहे हैं।
अभिभाषण में राज्यपाल ने यह जानकारी दी कि विश्व बैंक ओंकारेश्वर में बिजली परियोजना की सर्वे करा रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी परियोजना रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना काल में बेहतर काम किया। इस चुनौती का बेहतर तरीके से सामना किया। पीपीई किट, टेस्टिंग किट और अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के लिए बेड का प्रबंधन समय रहते किया। फ्रंट लाइन वर्कर्स और कोरोना योद्धाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जी-जान से काम किया। मजदूर सहायता योजना शुरू की गई। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का रोडमैप लागू किया।
सरकार ने सीएम हेल्प लाइन योजना का विस्तार किया। कोरोना काल में रेहड़ी पटरी वालों का रोजगार खत्म हो गया था। सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स योजना लागू कर 10-10 हजार रुपए बिना ब्याज के लोन उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से जीवन यापन का रास्ता खोला।
384 केस भूमाफिया के खिलाफ केस दर्ज किए गए। चिटफंड कपंनियों से 700 करोड़ रुपए पीड़ितों को वापस कराए गए। सरकार ने अभियान चलाकर करीब 8 हजार करोड़ रुपए की अवैध कब्जे की जमीन मुक्त कराई है। धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम लागू किया गया। भू स्वामित्व योजना लागू की गई। जिसमें ग्रामीणों को जमीन मालिक बनाने का काम सरकार ने किया।
प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी का निर्माण प्राथमिकता से किया गया। 2 हजार किलोमीटर लंबी सड़कें पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है। मुख्यमंत्री कल्याण योजना शुरू कर प्रदेश के किसानों के 4-4 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक 35 लाख किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं के तहत 83 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। किसानों के लिए बिजली की उपलब्धता को लेकर काम किया जा रहा है 300 मेगावाट की उपलब्धता को बढ़ाया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। 11 महीने पहले शुरू हुए कोरोना काल मे मेरी सरकार में आर्थिक परेशानी के बाद भी तेजी से काम किया। कोरोना होने के बाद भी सरकार ने जनहित में तेजी से काम किए। राज्य सरकार ने 1 लाख 85 हजार प्रवासी मजदूर की मदद के लिए उनके खाते में पैसे डाले गए। 51 हजार से ज्यादा लोगों का राजमिस्त्री के ट्रेनिंग दी गई है। सहकारी बैंकों को लगभग 800 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है।
राज्यपाल ने कहा कि ओंकारेश्वर में विश्व की सबसे बडी बिजली योजना को लेकर विश्व बैंक के द्वारा सर्वे किया रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक प्रदेश में 65 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के 20 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत काम शुरू हो चुका है। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा में 10 गुना वृद्धि हुई है।
सत्र शुरू होने पर सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने रीवा के देवतालाब से 4 बार के ‌विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनाने जाने का प्रस्ताव रखा। इसका समर्थन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया।
कांग्रेस की तरफ से इस पद के लिए किसी भी विधायक ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में गौतम विधानसभा के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हो गए। अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान मान्य परंपराओं का पालन किया गया। निवार्चन के बाद विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि मैं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. सीतासरन शर्मा और एनपी प्रजापति को अपना मार्गदर्शक मानूंगा। मंत्री गोपाल भार्गव समेत कई विधायक 6-7 बार जीत कर आए। करीब 90 विधायक नए चुन कर आए हैं। कोरोना के कारण नए विधायकों को सदन की कार्यवाही का अनुभव नहीं हाे पाया है। सीनियर विधायकों से अपेक्षा है कि वे नए विधायकों को अनुभव साझा करें।
नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ सुबह 10:15 बजे विधासभा स्थित अपने कक्ष में विधायकों से चर्चा की। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा, जीतू पटवारी, डाॅ. गोविंद सिंह, सज्जन सिंह वर्मा और तरुण भनोट सहित कई विधायक मौजूद रहे। इस दौरान बजट सत्र में विपक्ष की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद कमलनाथ प्रोटेम स्पीकर द्वारा बुलाई गई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में शामिल हुए, जिसमें सदन के संचालक को लेकर बात हुई।
बजट सत्र महाशिवरात्रि (11 मार्च) के पहले ही समाप्त होने के आसार हैं। आज शुरू हुए सत्र में मुख्य रूप से वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया जाना है। 26 मार्च तक निर्धारित इस 33 दिवसीय सत्र में 23 बैठकें होना हैं, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है। सदन में 2 मार्च को बजट पेश किया जाएगा। इस बात के संकेत हैं कि इसकी मांगों पर जल्द बहस पूरी कर उसे पारित करा लिया जाए। सूत्रों के अनुसार सत्र में 10 से 13 बैठकें ही होने की संभावना है। 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर अवकाश है, तब से लेकर 14 मार्च तक चार दिन कोई बैठक नहीं होना है। इसे देखते हुए पूरी संभावना है कि 5 मार्च तक यदि काम पूरा नहीं हुआ, तो अधिकतम 10 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी।