जेब पर 'डाका', वित्‍त वर्ष 2020-21 के पहले 10 माह में केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्‍स से कमाए 2.94 लाख करोड़ रुपये

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार का कर संग्रह पिछले छह साल में 300 प्रतिशत से अधिक हो गया. सरकार ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी.वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार ने मोदी सरकार के आने के पहले साल में 2014-15 के दौरान पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क से 29,279 करोड़ रुपये और डीजल पर उत्पाद शुल्क से 42,881 करोड़ रुपये अर्जित किए.उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 10 महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल पर कर संग्रह बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपए हो गया.
गौरतलब है कि हाल के समय में पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है लेकिन पिछले 23 दिनों से पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. लोग इसे पांच राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का 'असर' मान रहे हैं. इस साल दो महीनों के भीतर बेतहाशा वृद्धि देख चुकने के बाद पेट्रोल 4.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल 4.99 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है. और 23 दिनों की स्थिरता के बावजूद अपने रिकॉर्ड स्तर पर चल रहा है. लगातार बढ़ते दामों के बीच स्थिरता से राहत तो है, लेकिन कोई कटौती न होने के चलते लोगों को रिकॉर्ड हाई कीमत पर तेल खरीदना पड़ रहा है.
आखिरी बार दाम 27 फरवरी, 2021 को बढ़ाए गए थे. इसके अनुसार, देश में अभी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 91.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 81.47 रुपये लीटर बिक रहा है. मुंबई में पेट्रोल 97.57 रुपये प्रति लीटर और डीजल 88.60 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. देश के शीर्ष प्रमुख चार महानगरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई- में सबसे महंगा पेट्रोल मुंबई में है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 91.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 84.35 रुपये प्रति लीटर चल रहा है. चेन्नई में पेट्रोल 93.11 रुपये लीटर जबकि डीजल 86.45 रुपये प्रति लीटर पर है.