किसी के निधन से नहीं बल्कि प्रजातंत्र के निधन से हो रहा है दमोह उपचुनाव : कमलनाथ

भोपाल। आज दमोह उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में बांदकपुर व इमरिया में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज यहां मैंने भोलेनाथ जी के दरबार में दर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली ,प्रदेशवासियों के अच्छे स्वास्थ्य ,उन्नति व प्रगति की कामना की। प्रजातंत्र में कई तरह के चुनाव आते हैं ,लोकसभा का चुनाव, विधानसभा का चुनाव ,नगरीय निकाय का चुनाव ,पंचायत का चुनाव ,हर चुनाव के अपने मायने होते हैं।लोकसभा के माध्यम से हम अपना प्रतिनिधि दिल्ली भेजते हैं ,विधानसभा के माध्यम से हम अपना प्रतिनिधि भोपाल भेजते हैं। लेकिन आज हम सभी के सामने यह बुनियादी सवाल है कि दमोह में उपचुनाव क्यों हो रहा है ? संविधान में प्रावधान है कि किसी सांसद या विधायक के निधन पर क्षेत्र में उपचुनाव होता है पर आज दमोह में उपचुनाव क्यों हो रहा है ? यहां चुनाव किसी के निधन से नहीं बल्कि प्रजातंत्र के निधन से हो रहा है ,आज क्षेत्र की जनता को इस बात को समझना होगा और इसका जवाब भाजपा से लेना होगा। आज बड़ी संख्या में युवा यहां मौजूद है ,यही युवा प्रदेश का निर्माण करेंगे ,उन्हें इस सच्चाई को समझना है क्योंकि सच्चाई ही आपका भविष्य सुरक्षित रखेगी।आप कमलनाथ का साथ मत देना ,कांग्रेस का साथ मत देना ,अजय टंडन का साथ मत देना पर सच्चाई का साथ जरूर देना। मैं आपसे माफी भी मांगता हूं कि हमने पिछले चुनावों में एक ऐसे प्रतिनिधि को उतारा था जिसने बीच में ही सौदा कर लिया। आज कोरोना की महामारी में चुनाव हो रहा है ,आज कोरोना की क्या स्थिति है ,आप सभी भली-भांति जानते हैं और हमारे मुख्यमंत्री शिवराज जी कल 24 घंटे के स्वास्थ्य आग्रह पर भोपाल के मिंटो हाल में बैठ गए ? वह कहते हैं मैं सबको मास्क पहनाऊँगा लेकिन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं पहचाऊँगा ,दवाई नहीं पहचाऊँगा ,मैं तो मिंटो हाल में बैठ जाऊंगा ? शिवराज जी के इस नाटक व नौटंकी को आप सभी को पहचानना है। आप सभी जानते हैं कि अपनी 15 वर्ष की सरकार में उन्होंने कितनी झूठी घोषणाए की ,कितने झूठे आश्वासन दिए ? यह कहते है कि दिल्ली में हमारी सरकार,प्रदेश में हमारी सरकार लेकिन याद रखिए अब इनकी सरकार ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है।दमोह के भविष्य को कांग्रेस ही सुरक्षित रख सकती है।
कमलनाथ ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि 15 वर्ष की सरकार के बाद उन्होंने हमें कैसा प्रदेश सौंपा ? एक ऐसा प्रदेश जो किसानों की आत्महत्या ,महिलाओं पर अत्याचार ,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार में नंबर वन था।आज शिवराज सरकार मे प्रदेश में वापस वही स्थिति है,बिना लिए-दिए कोई काम नहीं होता है।जितने उद्योग लगते नहीं,उससे ज़्यादा बंद हो जाते हैं।जब हमारी सरकार आई,हमारे सामने कौन सी चुनौती नहीं थी ? कृषि क्षेत्र में बड़ी चुनौती थी क्योंकि हमारे प्रदेश की 70% अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है।किसान का जन्म कर्ज में होता है और उसकी मृत्यु भी कर्ज में होती है,हमने इसी चुनौती को स्वीकार कर कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की शुरुआत की। हमने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया,इसके गवाह प्रदेश के किसान हैं।
हमारी सरकार ने प्रदेश में निवेश लाने को लेकर प्रयास किए ,आप सभी जानते हैं कि निवेश जब आता है ,जब विश्वास का माहौल हो।मैंने दमोह में सीमेंट फैक्ट्री लगाने के प्रयास किए ,इसकी गवाह दमोह की जनता है ।शिवराज सरकार में निवेशकों का सरकार पर विश्वास नहीं था क्योंकि मध्यप्रदेश की पहचान माफियाओं से ,भ्रष्टाचार से व मिलावटखोरों से थी।हमने अपनी सरकार में इसी पहचान को बदलने का काम किया। 15 माह की सरकार में मुझे काम करने के लिए सिर्फ साढ़े 11 माह मिले ,इसमें हमने अपनी नीति व नीयत का परिचय दिया। मैंने किसानों का कर्ज माफ किया, ₹100 में 100 यूनिट बिजली प्रदान की ,सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को डबल किया ,कन्या विवाह की राशि बढ़ाई ,पिछड़े वर्ग को आरक्षण प्रदान किया। आज शिवराज जी और भाजपा अपने 15 वर्ष का हिसाब नहीं देते।मैं तो आप सभी से कहना चाहता हूं कि इस चुनाव में जो-जो भाजपा नेता आये ,आप उनसे भाजपा की 15 वर्ष की सरकार का हिसाब लो ,मेडिकल कॉलेज का हिसाब लो ,अस्पतालों का हिसाब लो ,बेरोजगारी का हिसाब लो ,किसानों के साथ आज जो अन्याय हो रहा है ,उसका हिसाब लो।आप बताइए किसानों का कर्ज माफ कर ,सस्ती बिजली देकर ,युवाओं को रोजगार देकर ,महिलाओं को सम्मान व सुरक्षा देकर ,मिलावटखोरों -भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर ,क्या मैंने कोई पाप-गलती-गुनाह किया ? आज प्रश्न कांग्रेस की हार जीत का नहीं है बल्कि आज प्रश्न यह है कि दमोह की जनता देश में क्या संदेश देगी ? आपको सच्चाई का साथ देना है कि बेईमानी का ,यह आपको तय करना है ?  हम दमोह का विकास छिंदवाड़ा विकास मॉडल की तरह ही करेंगे।शिवराज जी तो कलाकारी की राजनीति करते हैं ,मैं तो कहता हूं कि वो चुनाव में जेब में नारियल लेकर चलते हैं ,जब मौका मिलता है फोड़ देते हैं ,कितने झूठे हजारों नारियल उन्होंने आजतक फोड़े और फोड़ने के बाद पलट भी जाते हैं ,कहते हैं कि यह तो पुरानी बात थी।मैं आज आप सभी से यही निवेदन करता हूं कि अभी आप सभी ने ठान लिया तो दमोह में कांग्रेस का परचम व झंडा लहराने से कोई नहीं रोक सकता है।