भोपाल में 6 दिन का लॉकडाउन: किराना दुकानों से होम डिलीवरी, सब्जी-दूध की बिक्री पर छूट

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें से 824 केस तो अकेले राजधानी भोपाल के हैं। इसके बाद सरकार ने सोमवार शाम को भोपाल में एक हफ्ते की कोरोना कर्फ्यू, यानी लॉकडाउन की घोषणा कर दी।
भोपाल में यह कर्फ्यू सोमवार रात 9 बजे से 19 अप्रैल, यानी अगले सोमवार की सुबह 6 बजे तक के लिए लगाया गया है। उसके बाद क्या होगा, इसका फैसला तब के हालात की समीक्षा के बाद किया जाएगा। कर्फ्यू के तहत कुछ रियायतें भी दी जाएंगी। 
कर्फ्यू में इन्हें रहेगी इजाजत...किराना दुकानों से होम डिलीवरी,दूध, सब्जी और फलों की दुकानें,पेट्रोल पंप, बैंक, ATM, गैस एजेंसी,अस्पताल और मेडिकल स्टोर्स,मेडिकल स्टाफ, फैक्ट्री मजदूर,वैक्सीन लगवाने के लिए निकले लोग,परीक्षा केंद्र आने-जाने वाले स्टूडेंट्स,बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्री,खेती के काम से आने-जाने वाले किसान,होम सर्विस के लिए इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, कारपेंटर,कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज (अगर मजदूर साइट पर रहते हैं)। 
कर्फ्यू के दौरान इन पर पाबंदी... मंदिर समेत सभी धार्मिक स्थल,जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रम,रेस्टोरेंट्स, दुकानें और बाजार,देशी और विदेशी शराब की दुकानें,जरूरी सेवाओं को छोड़कर ऑफिस। 
प्रदेश में 24 घंटे में 6 हजार 489 संक्रमित मिले हैं। वहीं 37 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। प्रदेश की संक्रमण दर पहली बार 16% पहुंच गई। यानी हर छठे नमूने की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व संगठन मंत्री माखन सिंह के अलावा 6 कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसको देखते हुए कार्यालय मंत्री राघवेंद्र शर्मा ने अगले 10 दिन तक के लिए प्रदेश कार्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। सीहोर जिले में सलकनपुर में मां बीजासन देवी धाम को 21 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। चैत्र नवरात्र पर भी भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे।
एक दिन में इंदौर में रिकॉर्ड 923 केस आए हैं। भोपाल में 824, ग्वालियर में 497 और जबलपुर में 469 संक्रमित पाए गए हैं। राज्य में सबसे ज्यादा 45 मौतें 23 सितंबर 2020 को हुई थी। कल 11 अप्रैल को 24 घंटे में 37 मौतें हुई हैं। अब सरकार के सामने सामुदायिक संक्रमण तोड़ना बड़ी चुनौती है।
24 घंटे में छह नई मौतों के साथ इंदौर राज्य का पहला शहर बन गया है जहां पूरे कोरोना काल में 1005 मौतें हो गई हैं। यहां 19 अप्रैल की सुबह तक कोरोना कर्फ्यू/लॉकडाउन चल रहा है। अब प्रशासन ने शाम को भी तीन घंटे के लिए दूध वितरण की छूट दे दी है। शहर में शाम 4 से 7 बजे तक दूध बांटा जा सकेगा। पहले यह सुविधा केवल सुबह के लिए थी। हालात कोरोनाकाल की पहली लहर के पीक टाइम सितंबर से भी खराब हो गए हैं। यहां लॉकडाउन के बावजूद प्रदेश में सर्वाधिक केस सामने आ रहे हैं। मौतें भी सबसे ज्यादा हुई हैं। यहां 11 अप्रैल की रात गुर्जर अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने पर परिजन ने जमकर हंगामा हुआ, इस बीच एक मरीज ने दम तोड़ दिया।