रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा चौथी तिमाही में दोगुना बढ़कर 13227 करोड़ रुपये पहुंचा

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में दोगुना बढ़कर 13227 करोड़ रुपये पहुंच गया है. रिलायंस ने एक बयान में कहा कि उसका शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च की तिमाही में 108 फीसदी बढ़कर 13,227 करोड़ रुपये रहा है. जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का लाभ 6348 करोड़ रुपये रहा था. रिलायंस इंडस्ट्रीज देश में सबसे ज्यादा पूंजीकरण वाली कंपनी है. अगर क्रमानुसार बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज का लाभ 13101 करोड़ रुपये से एक फीसदी बढ़ा है. कंपनी की परिचालन आय 11 फीसदी बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये रही है.
रिलायंस ने एक बयान में कहा कि जामनगर में जीवनरक्षक मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन होता रहेगा. यह कोविड केयर हास्पिटल की स्थापना और वहां के लोगों के लिए निशुल्क भोजन के अतिरिक्त है. कंपनी ने कहा है कि इस साल उसने 75 हजार नए रोजगार पैदा किए हैं.कंपनी की कुल आय आलोच्य तिमाही में बढ़कर 1,72,095 करोड़ रुपये रही है. यह एक साल पहले 2019-20 की चौथी तिमाही में 1,51,461 करोड़ रुपये थी. कंपनी का पेट्रोरसायन और रिटेल कारोबार के क्षेत्र में लाभ बढ़ा है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में उसका लाभ 53,739 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 34.8 फीसदी ज्यादा है. रिलायंस का परिचालन लाभ  इस वित्तीय वर्ष 97,580 करोड़ रुपये रहा है, जो 4.6 फीसदी कम है.रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल शाखा रिलायंस जियो का शुद्ध लाभ इस तिमाही में 0.5 फीसदी बढ़कर 3508 करोड़ रुपये रहा है. जबकि जियो का परिचालन लाभ 8573 करोड़ रुपये है.
रिलायंस जियो का प्रति ग्राहक औसत राजस्व 138.2 रुपये रहा है, जो पिछली तिमाही में 151 रुपये रहा था. इस दौरान रिलायंस जियो ने 1.54 करोड़ नए ग्राहक जोड़े हैं. रिलायंस की रिटेल शाखा रिलायंस रिटेल का शुद्ध लाभ 23 फीसदी बढ़कर 2247 करोड़ रुपये रहा है. कंपनी के 12,711 स्टोर काम कर रहे हैं और इस तिमाही में 826 नए स्टोर खुले हैं. 
हाल ही में उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कंट्री क्लब और लक्जरी गोल्फ रिसार्ट, स्टोक पार्क को 5.70 करोड़ पाउंड (करीब 592 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है. रिलायंस का यह अधिग्रहण उसके आबरॉय होटल और मुंबई में उसके द्वारा विकसित की जा रही, होटल व्यवस्थित आवासीय सुविधाओं में किये गये मौजूदा अधिग्रहण के साथ हो रहा है.रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले चार सालों के दौरान 3.3 अरब डालर के अधिग्रहण की घोषणा की है. इसमें से 14 प्रतिशत खुदरा क्षेत्र में किया गया, 80 प्रतिशत प्रौद्योगिकी, मीडिया और दूरसंचार क्षेत्र में वहीं शेष छह प्रतिशत निवेश ऊर्जा क्षेत्र में किया गया है.