उत्तर प्रदेश : अखिलेश यादव ने एक और पार्टी से गठजोड़ कर बढ़ाई अपनी ताकत

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने आज पिछड़ी जाति के एक और पार्टी, जनवादी पार्टी (सोशलिस्‍ट) के साथ गठबंधन कर लखनऊ में एक बड़ी रैली की. इस तरह यह पांचवीं पार्टी है जिससे अखिलेश का अलायंस हो चुका है. सपा प्रमुख ने कहा कि वे बड़े बदलाव के लिए छोटी- छोटी उन पार्टियों को जोड़ रहे हैं जिन्‍हें सियासी हिस्‍सेदारी नहीं मिली है. जनवादी पार्टी (सोशलिस्‍ट) पार्टी नोनिया बिरादरी के लोगों की पार्टी है जिसके नेता संजय चौहान है. वे गाजीपुर के रहने वाले हैं जो पूर्वी यूपी में आता है.  राजधानी लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में हर तरफ पिछड़ों में नोनिया समाज की पार्टी के झंडे लहरा रहे थे. सपा से गठबंधन के बाद यह उनकी पहली रैली थी.
 इस मौके पर अखिलेश यादव ने उनका हमेशा साथ देने का वादा किया. सपा प्रमुख ने कहा, 'आपके साथ सहयोग देकर के आपके साथ खड़े दिखाई देंगे. अगर आपको हक देने की बात होगी तो दिलाने में भी  समाजवादी पार्टी के लोग साथ खड़े दिखाई देंगे. आपको अगर भागीदारी देने की बात हो तो समाजवादी लोग आपके साथ खड़े दिखाई देंगे.'
गौरतलब है कि नोनिया पिछड़ी जाति है जिसे लोनिया और चौहान भी कहते हैं.  इनकी आबादी 3 फीसदी के आसपास है. पूर्वी यूपी के गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, चंदौली आदि जिलों  की करीब 15 से 20 सीटों पर इनका असर है. सपा का आरएलडी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, महान दल, अपना दल  और जनवादी पार्टी (सोशलिस्‍ट) से गठबंधन हो  गया है और 'आप' तथा शिवपाल यादव की  प्रगतिशील समाजवादी पार्टी अभी कतार में हैं. रैली में जनवादी पार्टी (सोशलिस्‍ट)  के अध्‍यक्ष संजय चौहान ने कहा कि अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर उन्‍हें हिस्‍सेदारी देने का वाा किया है, इसलिए वे समाजवादी पार्टी को वोट देकर जिताएंगे. यूपी के सभी जिलों से हमारे समाज के लोग आये हैं. रैली में पहुंचे दोनों दलों के नेता इस गठबंधन इस उत्‍साहित नजर आए.