"हर घर तिरंगा" की थीम पर पचमढ़ी में मानसून मैराथन

भोपाल। अतुल्य भारत के दिल 'मध्यप्रदेश' के हिल स्टेशन पचमढ़ी में "हर घर तिरंगा" अभियान की थीम पर मानसून मैराथन में देश-भक्ति और खेल भावना का अद्भुत उदाहरण दिखाई दिया। "आजादी का अमृत महोत्सव" पर जोश-खरोश के साथ प्रतिभागी हाथ में तिरंगा झंडा लेकर दौड़े। देश के विभिन्न राज्यों से करीब 1000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। मैराथन में 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 80 साल के बुजुर्ग भी शामिल हुए। 
प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि जिला प्रशासन नर्मदापुरम और एडवेंचर एंड यू' (के.ए. कनेक्ट) के सहयोग से पचमढ़ी मानसून मैराथन के चौथे संस्करण का सफल आयोजन हुआ। मैराथन चार श्रेणियों 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 21 किलोमीटर और 42.2 किलोमीटर में हुई। पहली बार हुई 42.2 किलोमीटर की फुल मैराथन को अच्छा प्रतिसाद मिला। "हर घर तिरंगा" अभियान की थीम पर हुई यह मैराथन राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। 
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश में 'एक जिला-एक उत्पाद' में नर्मदापुरम जिले में पर्यटन को चुना गया है। पर्यटन को लोकप्रिय बनाने के लिए पूरे वर्ष के लिए "52 सप्ताह-52 गतिविधियाँ" चिह्नित की गई हैं। मानसून मैराथन भी इसी गतिविधि का एक हिस्सा है, जिसे आजादी के अमृत महोत्सव पर "हर घर तिरंगा" अभियान की थीम से जोड़ा गया हैं। 
सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में मैराथन का मुख्य उद्देश्य मानसून में पचमढ़ी के नैसर्गिक सौंदर्य को देश-विदेश के पर्यटकों से रूबरू कराना है। आजादी के अमृत महोत्सव पर हुई मैराथन ने प्रतिभागियों को घर-घर तिरंगा फहराने का संदेश भी दिया है।
मैराथन में भाग लेने वाले सभी धावकों को टी-शर्ट, आर.एफ.आई.डी. टाइमिंग चिप, रूट सपोर्ट, फिनिशर्स मेडल, सर्टिफिकेट और पोस्ट रन रिफ्रेशमेंट दिया गया। प्रतियोगिता के तीन शीर्ष धावकों को पुलिस ट्रेनिंग अकेडमी एसपी निमिशा पांडे, चेयरमेन विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण पचमढ़ी कमल धूत और उप संचालक पर्यटन पडोले ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। टूरिज्म बोर्ड द्वारा विजेताओं को होटल के स्टे वाउचर भी भेंट किये गये।
फुल मैराथन के 18-30 आयु वर्ग में तृप्ति पनी प्रथम रही। इसी प्रकार 31-45 आयु वर्ग में शाइनिंग स्टार पाह्वा प्रथम, हरमिंदर सिंह गिल द्वितीय और प्रदीप कुशवाह तृतीय रहे। साथ ही 46-99 आयु वर्ग में उदय बोभाते प्रथम, भगवान सिंह कुशवाह द्वितीय और वी.के.एस. रावत तृतीय रहे।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से रंगी पचमढ़ी मैराथन देश-भक्ति और जोश से भरी हुई थी। ए.ई.सी. पचमढ़ी के कमांडेंट ब्रिगेडियर वी.के. भट्ट और उप संचालक युवराज पडोले ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। हाथ में तिरंगा लेकर पचमढ़ी की वादियों में दौड़ रहे युवाओं में सिर्फ जोश और दम खम ही नहीं बल्कि देश के प्रति प्रेम को व्यक्त करने का जज्बा भी दिखाई दे रहा था। चेहरे पर आजादी के अमृत महोत्सव की मुस्कान, देश को सबसे ऊपर रखने के संकल्प के रूप में प्रदर्शित हो रही थी। 
नर्मदापुरम की शान सतपुड़ा की रानी "पचमढ़ी" की वादियों में मैराथन दौड़ ने देश की स्वतंत्रता का दृश्य आँखों के सामने साकार कर दिया। ऐसा लगा मानो देश में स्वतंत्रता पाने पर आजादी के दीवाने तिरंगा लेकर दौड़ रहे हो। यह संदेश है कि "हर घर तिरंगा" केवल एक अभियान नहीं है बल्कि उन हजारों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी है, जिन्होंने अपने मस्तक चढ़ाकर अपने लहू से भारत माँ कर श्रंगार किया।