मध्यप्रदेश विधानसभा: बजट सत्र में दिखेगा सियासी दमखम का नजारा

बजट सत्र के लिए अपने- अपने विधायकों को लामबंद करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ द्वारा जो टिप्स दिए गए और आक्रामकता दिखाने के लिए आगाज में ही जो तेवर दिखाए हैं, उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सत्ताधारी दल और विपक्षी दल एक दूसरे पर सदन में हावी होने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे। आरोप-प्रत्यारोप सहित एक दूसरे पर व्यंग्यबाण छोड़ने के लिए अपनी कमर कस रहे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिपक्ष कांग्रेस पर जवाबी हमले के लिए रणनीति बनाने जो सुझाव दिया उसमें उनके अंदाज- ए-बयां में काफी तल्खी थी। शिवराज ने विशेषकर मंत्रियों की ओर मुखातिब होते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस की युवा ब्रिगेड को घेरो। यह कुछ भी बोलती है और कुछ भी करती है, जो ठीक नहीं है। इन्हें काबू में करने के लिए इनके घोटाले उजागर करो। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के तेवर भी कुछ इसी अंदाज में वैसे ही आक्रमक थे।  उन्होंने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार की घेराबंदी करने के लिए टिप्स देते हुए दो- टूक शब्दों में कहा कि विधायक पूरी तैयारी कर सदन में आएं और आक्रामकता के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करें। हम डरने या  दबने वाले नहीं हैं। विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है इसलिए दोनों की परफॉर्मेंस देखने परखने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि जल्द ही सामने आ जाएगा कि किसमें है कितना दम और इस तरह सदन में नजर आएगा सियासी दमखम का नजारा। यह सत्र यदि दोनों पक्ष अपने-अपने  रुख पर अड़े रहे तो  काफी हंगामाखेज हो सकता है। 
भाजपा विधायक दल की बैठक में शिवराज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान काफी घपले-घोटाले हुए हैं और घोटालों को निकालो तथा कांग्रेस की युवा ब्रिगेड की घेराबंदी करो। कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में युवा मंत्रियों की भरमार थी और वही पूर्व मंत्री अब बढ़-चढ़कर शिवराज सरकार  पर आरोपों की गोला-बारूद छोड़ते रहते हैं और सदन के बाहर काफी हमलावर रहते हैं। बजट सत्र में यही लोग अग्रिम दस्ते के रूप में सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश  करते हुए उपलब्ध कोई भी  अवसर हाथ से नहीं जाने देंगे। भाजपा की रणनीति सदन के अंदर यही होगी कि मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में हुए कथित घोटालों को उछाल कर उन्हें आईना दिखाया जाए ताकि ज्यादा मुखर ना हो पाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है इसलिए विधायक हर मुद्दे पर तथ्य तैयार रखें और तथ्यों के आधार पर भरपूर और माकूल जवाब दिया जाए। शिवराज ने मंत्री तथा विधायकों को सलाह दी कि क्रिकेट या अन्य खेल जरूर खेलें। प्रतियोगिताओं का आयोजन करें और इसके माध्यम से युवा वर्ग में अपनी पैठ बढ़ाएं। इस प्रकार उन्होंने  यह मंत्र बताया कि कैसे युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ना है। हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान बनाने का भी निर्णय लिया गया है।  इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि विधायक ट्रॉफी प्रारंभ की जाए। इसका मकसद युवा प्रतिभाओं को उभारने के साथ ही साथ एक पंथ दो काज किए  जाएंगे तथा नई-नई प्रतिभाएं सामने आएगी और युवाओं  के बीच पार्टी की विचारधारा से उन्हें जोड़ने की कोशिश की जाएगी। विधायकों को नगरीय निकाय के होने वाले चुनावों के  लिए अभी से जुट जाने के लिए कहा है।
दमदारी से उठाएं मुद्दे: कमलनाथ
नेता विपक्ष कमलनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि हम 96 विधायकों का मजबूत प्रतिपक्ष हैं और पूरी जानकारी के साथ जनहित के मुद्दे उठाएं।ज्यादा से ज्यादा समय सदन में दें और चर्चाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करें। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे ज्यादा से ज्यादा समय मैदान में देना चाहते हैं। बतौर मुख्यमंत्री कमलनाथ पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह मैदान में कम जाते थे तथा मंत्रालय में अपना अधिकांश समय बिताते थे। शायद उसको ही वे दूर करना चाहते हैं और सीधे जनता के संपर्क में रहना चाहते हैं। विधानसभा में अक्सर यह देखा गया है कि बहस के समय या मुद्दों पर गंभीर चर्चा के दौरान अनेक विधायक सदन में कम उपस्थित रहते हैं। इसलिए विधायकों को अधिक समय सदन में देने की उनके नेता ने नसीहत दी है। उन्होंने भाजपा सरकार पर झूठे वायदे करने का आरोप लगाते हुए सदन के अंदर उसे बेनकाब करने की सीख भी विधायकों को दी। विधायक दल की बैठक में यही भी तय किया गया कि 3 मार्च को युवा कांग्रेस बढ़ती हुई महंगाई के मुद्दे पर विधानसभा का घेराव करेगी और उस समय सभी पार्टी विधायक मौजूद रहेंगे।कमलनाथ ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में जनहित के मुद्दों की बात नहीं थी, ना महिलाओं पर अत्याचार पर बात थी, न ही किसानों की दुर्दशा पर बात थी, ना रोजगार पर बात थी लेकिन इसके माध्यम से गुमराह करने की कोशिश की गई। कई बार प्रधानमंत्री का नाम इसमें लिया गया। आज हर वर्ग परेशान है। पहले तो हमारी बहनें सुरक्षित नहीं थी अब तो हमारी मासूम बच्चियाँ भी सुरक्षित नहीं है। इन सभी मुद्दों को सदन में उठाएं। कमलनाथ ने कहा कि हमारी विधायक बहन कलावती भूरिया को डराने-दबाने की कोशिश की गई लेकिन हम डरने-दबने वालों में से नहीं हैं। हम भाजपा की गुंडागर्दी का एकजुटता से मुकाबला करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज वही सच्चा जनसेवक है जो जनता के दुख- सुख में हर समय खड़ा रहता है।आज का युवा वर्ग बेहद समझदार है, वह अंधभक्त नहीं बन सकता, वह सच्चाई को पहचानता है। आज की राजनीति क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़्यादा आधारित है और अब राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के नाम पर जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है।
और अंत में...
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा पूरी तरह से नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत सुनिश्चित करने के लिए मैदान में पूरी तरह सक्रिय हो गए है। शर्मा ने कहा है कि निकाय चुनाव में जीत हासिल कर भाजपा कार्यकर्ता कमलनाथ की चुनौती का जवाब देंगे। उन्होंने कटनी में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने 28 विधानसभा उपचुनाव के समय कहा था कि हमारा टारगेट भाजपा का संगठन है और इसके बाद हाल ही में उन्होंने कांग्रेस की बैठक में यह बात दोहराई। शर्मा के अनुसार इससे दो संकेत मिलते हैं, पहला यह कि कमलनाथ ने अभी से निकाय चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है और दूसरा यह कि उन्होंने अभी से इस हार का ठीकरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के  सिर फोड़ने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि हमारे  कार्यकर्ताओं ने विधानसभा उपचुनावों के समय टीम भावना से काम कर कमलनाथ की चुनौती का जवाब दिया था और अब निकाय चुनाव में भी प्रचंड जीत दर्ज करा कर कमलनाथ की चुनौती का फिर से जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के लिए जनता की सोच से तैयार होगा भाजपा का घोषणा पत्र और विकास के मुद्दे पर ही भाजपा निकाय चुनाव लड़ेगी।
- अरुण पटेल